घर में किसी भी समय आ सकती है पुलिस, मांग सकती है किराएदारों का डेटा
ग्वालियर. शहर के अलग-अलग इलाकों में हुई आपराधिक घटनाओं में अन्य राज्यों के अपराधियों की भूमिका सामने आई है। इसके साथ ही कुछ घटनाओं में नौकरों की भूमिका मिली है। वारदात के बाद अपराध की छानबीन करते समय यह सामने आया है कि अपराधी बाहर के थे और पहचान को छिपाकर शहर में रहे थे। इसको लेकर अब जिला दंडाधिकारी कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने धारा-144 के अंतर्गत आदेश जारी कर अगले दस दिन में सभी किराएदार, नौकर और होटल, धर्मशाला, लॉज और होस्टल आदि में ठहरने वालों की जानकारी इकट्ठा करके चरित्र सत्यापन का आदेश दिया है। होटल, लॉज और धर्मशाला के संचालकों को प्रतिदिन नजदीकी थाने में अपडेट देना पड़ेगा। उपलब्ध अपडेट के आधार पर थाना प्रभारी चरित्र सत्यापन कराएंगे।
यह है निर्देश
जिले में प्रत्येक मकान के मालिक को अपने यहां रहने वाले किराएदार का नाम, उम्र, जाति, स्थाई पता, वर्तमान पता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, वोटरकार्ड या अन्य किसी फोटोयुक्त आइडी के साथ थाने में देना होगी।
होटल, धर्मशाला और लॉज में रुकने वाले यात्रियों की सूचना आइडी प्रूफ के साथ संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगी।
दुकानों और घरों पर कर्मचारी रखने वालों को निर्धारित प्रपत्र में संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगी।
प्राइवेट होस्टल संचालकों को छात्रों की जानकारी आईडी कार्ड की छायाप्रति के साथ संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगी।

