ग्वालियर से दुनिया भर की सैर के लिए अब सीधी फ्लाइट
ग्वालियर. ग्वालियर के वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट से वर्तमान में सिर्फ चार जगहों के लिए लाइट्स उड़ाई जा रही हैं, जबकि जरूरत इससे कहीं अधिक की है। इस बात का पता इसी से चलता है कि ग्वालियर से रोजाना दिल्ली और मुंबई जाने वाली लाइट्स 90 फीसदी तक फुल जा रही हैं। शहर से स्टूडेंट्स के साथ ही सबसे अधिक कारोबारियों और उद्यमियों को लाइट्स की जरूरत महसूस होती है क्योंकि उन्हें अपना कार्य समय की बचत करते हुए पूरा करना होता है। जानकारों की मानें तो ग्वालियर शहर को तीन डेस्टिनेशन कोलकाता, इंदौर और बेंगलूरू के तीन नई लाइट्स और मिल जाएं तो दूसरे शहरों के जरिए 7 से 8 घंटे के भीतर मलेशिया, सिंगापुर, बैंकाक और श्रीलंका तक पहुंचा जा सकेगा। ग्वालियर के एयरपोर्ट को 72 सीटर के लिए नहीं बल्कि 180 सीटर एयरक्रॉट उड़ान के लिए डिजाइन किया गया है।
टूरिस्ट की संया में इजाफा होगा
दक्षिण और पूर्वी राज्यों के टूरिस्ट ग्वालियर घूमना चाहते हैं। पर इनमें से अधिकांश टूरिस्ट दिल्ली उतरते हैं और आगरा होते हुए जयपुर राजस्थान निकल जाते हैं। यदि ग्वालियर में लाइट शुरू होती है तो अपने आप ही सबसे पहले आगरा, ग्वालियर और जयपुर टूरिस्ट पहुंचने लगेंगे।
आईआईटीटीएम के असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रशेखर बरुआ ने बताया कि यदि ग्वालियर में लाइट्स की संया में बढ़ोतरी होती है तो निश्चित तौर पर टूरिस्ट की संया में इजाफा देखने को मिलेगा। कई जगहों के टूरिस्ट तो इसी वजह से ग्वालियर पहुंच ही नहीं पाते हैं। मप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि कारोबारी और उद्यमियों को अपना काम जल्द से जल्द निपटाना होता है, ऐसे में यदि देश के हर हिस्से से जुड़ने के लिए पर्याप्त लाइट्स मिल जाएं तो उनके लिए सुविधाजनक हो जाएगा।

