ग्वालियर-इंदौर में लोकायुक्त की बडी कार्रवाई, रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के पास 18 करोड संपत्ति, 4 किलो सोना व 8 किलो चांदी निकली
ग्वालियर. मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस ने दीपावली से पहले बड छापामार कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के अलग-अलग ठिकानों पर बुधवार तडके दबिश दी। लोकायुक्त के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने ये कार्रवाई इंदौर और ग्वालियर स्थित फ्लैट और निवास पर की। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने प्रदेश में एक और धनकुबेर अफसर की पुष्टि की है। जांच में छापामा टीम को रिटायर्ड अफसर के इंदौर स्थित फ्लेट से ही उनकी आय से 829 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने की पुष्टि की है।

कैश, सोना, चांदी, लग्जरी गाडियां का कलेक्शन और कीमती फर्नीचर तक बरामद
आरोपी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के आलीशान फ्लेट्स पर हुई लोकायुक्त की कार्रवाई ने खजाना उगला है। बुधवार तडके 6 बजे से इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर की टीमों ने एक साथ कार्रवाई कर भ्रष्टाचार की काली कहानी बेनकाब की। लोकायुक्त की सर्च कार्रवाई में कैश, सोना, चांदी, लग्जरी गाडियां, हथियार, महंगे परफ्यूम्स का लाखों का कलेक्शन, महंगी घडियों का कलेक्शन और कीमती फर्नीचर तक बरामद हुआ। अधिकारी की दौलत देखकर टीम तक दंग रह गई।
1 करोड 13 लाख रुपए कैश व 4 किलो 221 ग्राम सोना जब्त किया
लोकायुक्त टीम द्वारा इंदौर के पलासिया स्थित अधिकारी के आलीशनन फ्लैट नं. 201, कैलाशकुंज पर हुई छापामारी 1 करोड 13 लाख रुपए कैश मिले। जबकि 4 किलो 221 ग्राम सोना जब्त किया गया। वहीं करीब 8 किलो चांदी बरामद हुई है। इसके अलावा अधिकारी के लग्जरी गाडियां, महंगे परफ्यूम, फर्नीचर, हथिखरों के साथ अन्य कीमी सामान मिला है। बैंक अकाउंट, बीमा पॉलिसियां और 3 लॉकरों के दस्तावेज सिर्फ इस फ्लैट से करीब 9.66 करोड की संपत्ति मिली। तनों फ्लैटों 201, 402, 403 की कुल संपत्ति का अनुमान 14.49 करोड से अधिक लगाया जा रहा है।
आलीशान बंगला व फ्लैट भी पाए गए
यही नहीं धर्मेंद्र सिंह का आलीशान बंगला काउंटीवॉक कॉलोनी में भी बन रहा है। करीब 12000 वर्ग फीट में फैला तीन मंजिला घर जिसकी गाइडलाइन वैल्यू 3.36 करोड बताई गई है। वहीं यश ग्रीन स्कीम नंबर 114 में बेटी अर्पूा के नाम फ्लैट में भी करोडों की सजावट और डेकोर पाए गए। जांच में खुलासा हुआ कि, आरोपी के बेटे सूर्यांश और बेटी अपूर्वा ने एक व्यक्ति जितेंद्र चौधरी को 2.85 करोड़ उधार देने का एग्रीमेंट भी हुआ है। बैंक रिकॉर्ड भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
18.59 करोड़ चल-अचल संपत्ति का खुलासा
लोकायुक्त की जांच में अब तक कुल 18.59 करोड़ चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, जबकि 1987 में आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर भदौरिया भर्ती हुई, जिससे अबतक नौकरी के दौरान उन्हें 2 करोड़ रुपए आय हुई। लेकिन सिर्फ इंदौर स्थित फ्लेट की सर्चिंग से ही उनकी आमदनी का 829.66 फीसदी अनुपातहीन संपत्ति। इसे एमपी के भ्रष्टाचार की किताब में नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त ने धारा 13(1)(बी) और 13(2), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज किया है। धर्मेंद्र भदौरिया भले ही रिटायर हो चुका है, लेकिन उसकी कमाई के ढेर ने लोकायुक्त को भी हैरान कर दिया।

