ओपी से शराब बनाने का ग्वालियर पुलिस ने किया खुलासा.ओपी समेत टेंकर चालक को किया गिरफ्तारए 50 लाख रूपये जप्त
ओपी से शराब बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को ग्वालियर पुलिस ने किया गिरफ्तार।
50 लाख रूपये कीमत की टेंकर में भरी 25 हजार लीटर ओपी की जप्त ।
बदमाशों के पास से एक कारव 460 लीटर ओपीए ड्रम व केनों के साथ की बरामद ।
ग्वालियर एएसपी ग्रामीण जयराज कुबेर तथा एसडीओपी घांटीगांव प्रवीण अष्ठाना द्वारा अपने अधिनस्थ थाना प्रभारियों को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
3 जनवरी को थाना प्रभारी पनिहार मोती.उर.रहमान को सूचना प्राप्त हुई कि थाना घाटीगांव क्षेत्रांर्तगत राजस्थानी ढाबा रेंहट पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूपये टेंकर के जरिये ओपी की सप्लाई की जा रही है। उक्त सूचना पर से थाना प्रभारी पनिहार द्वारा थाना घाटीगांव व क्राईम ब्रांच की संयुक्त टीम सहित बताये स्थान की घेराबंदी कर चार लोगों को ओपी से भरे एक टेंकर के पास खड़ी एक कार में रखी कैनों में ओपी भरते हुए पकड़ा।
पकड़े गये टेंकर के चालक से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह 2 जनवरी को रायरू डिस्टलरी से ओपी लेकर भीलबाड़ा राजस्थान के लिये निकला था तथा रास्ते में उसने टेंकर की सील तोड़ कर उसमें भरी ओपी चोरी से ढाबे पर 3 लोगों को निकाल कर बेच रहा था। पुलिस द्वारा टेंकर चालक से टेंकर मे भरी 50 लाख रूपये कीमत की 25 हजार लीटर ओपी व अन्य 3 बदमाशों से एक कारमें 3 कैनों व 2 ड्रमों में भरी 460 लीटर ओपी ;कीमती 92हजार रूपयेद्ध को जप्त किया। सभी बदमाशों से पूछताछ करने पर उन्होने बताया कि वह रायरू डिस्टलरी से आने वाली इस ओपी को चारी कर इसके जरिये देशी शराब बनाकर उसकी सप्लाई ढ़ाबों पर करते थे।आरोपियों के खिलाफ थाना घाटीगांव 34;2द्ध 49;एद्धआबकारी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया।
पुलिस को काफी लंबे समय से अपने सूत्रों से इनपुट मिल रहे थे कि लोग टैंकर से ओपी निकाल कर बेचते जिससे अवैध रूप से शराब बनाई जा रही थी जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस टीम ने घराबंदी कर टैंकर से ओपी निकालते रंगें हाथों दबोचा। पुलिस टीम की ओर से टीआई पनिहार मोती उर रहमान, टीआई घांटीगांव एसआई आदित्य शुक्ला, राहुल सेंधवा, क्राइम ब्रांच की ओर से एसआई सुरजीत परमार, मनोज परमार, नरेन्द्र सिसोदिया, एएसआई राजकुमार, आरक्षक सतीश परिहार, प्रमोद, अंगद, रणवीर, जितेन्द्र तोमर, राजेश तोमर, राहुल यादव, रामवीर यादव, चन्द्रवीर गुर्जर, हरिओम एवं नवीन आदि को सफलता हाथ लगी।

