एएआई की टीम ने तिघरा से लेकर नलकेश्वर के बीच एयरपोर्ट के लिये जमीन तलाशी
ग्वालियर. शनिवार को दूसरी बार ग्वालियर में एयरपोर्ट के लिये जमीन तलाशने के एएआई की टीम पहुंची है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की टीम ने ग्रीनफील्ड व अंर्तराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट के लिये संभावना तलाशी है। टीम के एएआई के कार्यपालक निदेशक इंजीनियर एमएनएन राव, कार्यपालक निदेशक एट्राजिक मैनेजमेंट एके मीणा केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ओएसडी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ आगरा-मुबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाटीगांव और आरोन के पास तिघरा से लेकर नलकेश्वर के बीच लखनपुरा गांव में जमीन को देखा है। काफी हद तक जमीन पसंद भी आई है पर अभी कोई रिपोर्ट नहीं दी है। यदि यहां पर एयरपोर्ट बनता है तो ग्वालियर के साथ -साथ शिवपुरी शहर के लोगकों को भी काफी लाभ होगा। क्योंकि ग्वालियर शिवपुरी दोनों के लिये एयरपोर्ट समान दूरी पर रहेगा। इसके बाद ऊर्जामंत्री के साथ एएआई के अधिकारियों ने बैठक भी की है। जिसमें ग्वालियर भिण्ड व मुरैना के कलेक्टर भी उपस्थित रहें।
एएआई की 4 सदस्यीय ने ग्वालियर में एयरपोर्ट के लिये तलाशी जमीन
अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की 4 सदस्यीय टीम शनिवार की दोपहर दिल्ली से ग्वालियर पहुंची। यहां टीम ने पहुंचकर ग्वालियर जिला प्रशासन की ओर से एडीएम आशीष तिवारी, ज्वाइंट कलेक्टर विनोद भार्गव, एसडीएम अनिल बनवारिया, तहसीलदार अनिल राघव, कुलदीप दुबे आदि ने अधिकारियों के साथ पहुंचकर ग्रीन फील्उ एयरपोर्ट के लिये नई जगह देखी है। दिल्ली से आये अधिकारियों ने ग्वालियर में तिघरा से लेकर नलकेश्वर के बीच 550 हैक्टर जमीन देखी है। यह जमीन काफी हद तक पसंद भी आयी हये। यह जमीन आगरा-मुंबई राजमार्ग शिवपुरी लिंक रोड के नजदीक रहेगी। इसके अलावा प्रशासन ने घाटीगांव से आगे आरोन के लखनपुरा गांव में 600 हैक्टर जमीन दिखाई है। यह जमीन भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की समझ में आयी हैं। पर यहां सोन चिरैया अभ्यारण की वजह से वन विभाग रोड़ा वन सकता है।
एयर स्ट्रिप के लिये 5 किमी जमीन की जरूरत
एएआई को ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की एयर स्ट्रिप के लिये 5 किमी लम्बी व 1 किलोमीटर चौड़ी हवाई पट्टी की जरूरत है। इससे पहले 15 जुलाई को टीम ने साड़ा की काउंटर मेग्नेट सिटी में 850 हैक्टर जमीन देखी थी लेकिन यह एयरफोर्स स्टेशन के पास है। इस वजह से ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिये एयरफोस से मंजूरी नहीं मिल पायेगी। यही कारण हैं कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने फिर से जमीन की तलाश करने के निर्देश दिये और शनिवार को एक सप्ताह के भीतर टीम फिर जमीन देखने आई है।

