उपेन्द्र कुशवाह को मिली Y+ की सुरक्षा , हर माह कितना खर्चा आता है?
नई दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बगावत करने वाले उपेन्द्र कुशवाह को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दे दी गयी है। उपेन्द्र कुशवाह ने हाल ही में नीतीश कुमार की जेडीयू से अलग होकर राष्ट्रीय लोक जनता दल के नाम से अपनी पार्टी बनाई है। उपेन्द्र कुशवाह को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा आईबी की रिपोर्ट के आधार पर दी गयी है।
किस व्यक्ति को सुरक्षा मिलेगी? यह सुरक्षा एजेंसियां खतरे के आधार पर तय करती है। अगर किसी व्यक्ति को आतंकवादियों या उग्रवादियों से धमकी मिल रही है या उनसे खतरा है तो उसे सुरक्षा दी जाती है और इतना ही नहीं, अगर किसी को माफिया या गैंगस्टर से भी जान का खतरा है तो उसे भी सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। खतरे के आकलन के आधार पर ही किसी व्यक्ति की सुरक्षा को बढ़ाया जाता है, कम किया जाता है या फिर वापिस लिया जाता है।
वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा में CRPF के जवान भी शामिल होते हैं। इस कैटेगरी की सुरक्षा में CRPF के 5 जवान होते हैं और साथ ही 3 अलग -अलग शिफ्ट में 6 PSO यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर भी रहते हैं। यानी हर शिफ्ट में 2 पीएसओ। केन्द्र सरकार ने सुरक्षा के लिये 5 कैटेगरी बना रखी है। X+, Y, Y+, Z और Z+ शामिल है। खतरे के हिसाब से व्यक्ति को सुरक्षा दी जाती है। कैटेगरी बढ़ने के साथ-साथ खर्चा भी बढ़ताजाता है। किस कैटेगरी की सुरक्षा पर कितना खर्चा होता है। इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है। हालांकि अनुमान है कि Z+ की सुरक्षा पर हर माह 15 से 20 लाख रूपये का खर्च होने का अनुमान है।

PM को मिलती है SPG सुरक्षा
SPG यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप 1988 में इसका गठन किया गया था। वह इसलिये क्योंकि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिर गांधी की हत्या कर दी गयी थी। SPG की सुरक्षा व्यवस्था पहले पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके निकटतम करीबियों को भी मिलती थी। लेकिन 2 वर्ष पहले SPG एक्ट में संशोधन कर दिया गया था। इसके बाद यह सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ मौजूदा प्रधानमंत्री को ही मिलती है।
किस कैटेगरी में कितनी सुरक्षा?
X कैटेगरी : इसमें दो सुरक्षाकर्मी (कमांडो नहीं) तैनात होते हैं. एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) शामिल होता है.
Y कैटेगरी : इसमें 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. इसमें एक या दो कमांडो और दो पीएसओ भी शामिल होते हैं.
Y+ कैटेगरी : 11 सुरक्षाकर्मियों के अलावा एस्कॉर्ट वाहन भी रहता है. एक गार्ड कमांडर और चार गार्ड आवास पर भी तैनात होते हैं.
Z कैटेगरी : 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इसमें 4 से 6 एनएसजी के कमांडो भी शामिल रहते हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस और CRPF के जवान भी रहते हैं.
Z+ कैटेगरी : करीब 58 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो रहते हैं. एक बुलेटप्रूफ कार और 2 एस्कॉर्ट वाहन भी रहते हैं. आवास के बाहर पुलिस कैम्प भी रहता है.

