अमलापुरम शहर में भीड़ ने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और विधायक का घर फूंका, पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल
आंध्र प्रदेश. कोनासीमा जिले का नाम बदलने के विरोध में अमालापुरम में हिंसा भड़क गई। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और वाहनों को आग लगा दी। अमालापुरम शहर में उग्र भीड़ ने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पी विश्वरूपा और मुम्मिडीवरम के विधायक पी.सतीश के घर भी फूंक डाले। पुलिस ने मंत्री और उनके परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस के एक वाहन और एक बस में भी आग लगा दी। करीब 20 पुलिसकर्मी पथराव में घायल हुए हैं।
क्या है मामला
दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार ने 4 अप्रैल को पूर्वी गोदावरी जिले से अलग कोनासीमा जिले का गठन किया था। पिछले दिनों इस जिले का नाम बदलकर बीआर अंबेडकर कोनासीमा कर दिया गया। सरकार ने नाम बदलने को लेकर लोगों से आपत्ति भी मंगाई थी। इसके बाद कोनासीमा साधना समिति ने नाम बदलने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए जिले का नाम कोनासीमा ही रहने देने की मांग की थी। समिति मंगलवार को डीएम हिमांशु शुक्ला को ज्ञापन सौंपने जा रही थी। जिसके बाद प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के आसपास धारा 144 लागू कर दी। हालांकि फिर भी सैकड़ों की संख्या में समिति के लोग कलेक्ट्रेट के पास पहुंच गए। समिति ने अमलापुरम शहर के मुम्मिडीवरम गेट, घंटाघर और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने इस पर सख्ती दिखाई। प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी कर लिया। इस दौरान कुछ युवक भाग निकले, जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की। जवाब में पुलिस ने भी लाठी चार्ज किया। जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।

