हॉलमार्क लागू करने के विरोध में शहर के सराफा व्यापारियों ने की सांकेतिक हड़ताल, बन्द रहे बाजार
ग्वालियर. एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आईडी) लागू करने के विरोध में प्रदेश समिति के आव्हान पर सोमवार को सराफा व्यापारियों और कारोबारियों नक एक दिन की हड़ताल की है। सोमवार की दोपहर 3 बजे तक शहर की लगभग 450 सराफा दुकानों पर काम नहीं हुआ। न व्यापार हुआ और न ही किसी तरह का लेनदेन किया गया। एक दिन की सांकेतिक हड़ताल में लश्कर और मुरार के सोना-चांदी व्यापारी संघ ने खुलकर एचयूआईडी का विरोध किया।
कई ठिकानों बाजारों में दुकानों के शटर बन्द कर बाहर प्रदर्शन भी किये गये। किसी ने बाजार में दुकान खोली तो व्यापारियों ने उसे दुकान बन्द रखने के लिये भी कहा गया। सोमवार की दोपहर 3 बजे के बाद भी सराफा दुकानें खुल गयी। लेकिन व्यापार नहीं किया गया है। भोपाल, इन्दौर में भी व्यापारियों ने सांकेतिक धरना दिया गया।
ग्वालियर शहर के सभी ज्वैलर्स भी इस हड़ताल में शामिल हुए हैं और दोपहर 3 बजे तक अपना कामकाज बन्द रखकर सांकेतिक हड़ताल को सफल बनाया है और इसके साथ ही सराफा कारोबारियों से जुड़े कुछ संगठन इस हड़ताल के विरोध में भी है। संगठनों का मानना है कि इस तरह से हड़ताल करना समस्या का हल नहीं हैं। होॅलमार्क का यह कानून गत 16 जून से सरकार ने 256 जिलों में आवश्यक कर दिया था। इस कानून का सभी सराफा कारोबारियों ने स्वागत किया था। पर भारतीय मानक ब्यूरो एचयूआईडी को लेकर आ गयी है। जिसका विरोध देशभर के ज्वैलर्स कर रहे हैं।
क्या है HUID
नए हाॅलमार्क कानून के साथ ही अनिवार्य HUID को भी लागू किया गया है। HUID मतलब प्रत्येक आभूषण पर हॉलमार्क के साथ विशिष्ट पहचान कोड होता है। जिसे आभूषण पर अंकित करना होता है। साथ ही उससे जुड़े और जटिल नियम की ज्वेलरी निर्माण के पश्चात उसे हॉलमार्क कराए जाने से पूर्व पोर्टल पर रजिस्टर्ड करना और उसका अलग से हिसाब रखना जरूरी है। ऐसे बहुत से प्रावधान है, जिनका सराफा कारोबारी काफी समय से विरोध कर रहे हैं।
कारीगर भी बंद में शामिल
एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में सराफा कारोबारी के अलावा ज्वैलरी से के काम से जुड़े कारीगर भी शामिल हैं। उन्होंने भी अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी है। यही कारण है कि बाजारों में सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। लोग बाजार पहुंचे तो पर परेशान हुए। न तो सोना खरीद सके न ही बेच सके।

