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सेना के जवानों ने ऊर्जामंत्री का बंगले किया घेराव, यातायात पुलिस जवान और मेजर के बीच मारपीट का है आरोप, निलंबित करने की मांग

ग्वालियर. सेना के मेजर और यातायात के जवान के बीच हुई मारपीट से विवाद गहरा गया है। झगड़ा एक्सीडेंट को लेकर हुआ था, परिजन का आरोप है कि मेजर को पुलिस उठाकर ले गयी। इसके बाद गुरूवार की देर रात थाने पर हंगामा हो गया। शुक्रवार की सुबह लगभग 11.30 बजे सेना के जवान एकत्र होकर ऊर्जामंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर के बंगले पर पहुंच गये। यहां नारेबाजी की, मंत्री ने जांच के बाद कार्यवाही की बात कहीं है।
दरअसल, गुरूवार की शाम लगभग 8 बजे सीएम डॉ. मोहन यादव का काफिला एमआईटीएस कॉलेज इंद्रमणि नगर चौराहे से निकलने वाला था। जिसके लिये यातायात पुलिस के जवान ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान शताब्दीपुर के रहने वाले आशीष चौहान अपनी पत्नी, बहन और दोस्त के साथ कार से जा रहे थे। आशीष सेना में मेजर के पद पर हैं औरे वर्तमान में राजस्थान के जोधपुर में पदस्थ है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने मेजर के परिजनों और एसपी को बुलाया। यहां एक घंटे तक बात की।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने मेजर के परिजनों और एसपी को बुलाया। यहां एक घंटे तक बात की।
रिटायर्ड पूर्व सैनिकों ने कहा कि संतोषजनक निर्णय नहीं लेने पर चक्काजाम कर देंगे।
रिटायर्ड पूर्व सैनिकों ने कहा कि संतोषजनक निर्णय नहीं लेने पर चक्काजाम कर देंगे।
मंत्री ने एसपी और मेजर के परिजनों से एक घंटे बात की। हालांकि कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
मंत्री ने एसपी और मेजर के परिजनों से एक घंटे बात की। हालांकि कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

मेजर ने यातायात के जवान से की मारपीट
इस बीच इनोवा कार ने मेजर की गाडी को टक्कर मार दी और वह गाड़ी लेकर भागने लगा। मेजर ने गाड़ी से उतरकर उसे पकड़ने के लिये दौड़े। वहां मौजूद ट्रैफिक के जवान ने मेजर को रोका। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गयी। झगड़ा इतना बढ़ा कि मेजर ने ट्रैफिक जवान की पिटाई कर दी। हंगामा देख वहां से गुजर रहे क्राइम ब्रांच पुलिस भी आ गयी। मेजर को गाड़ी में बैठाकर गोला का मंदिर थाने ले गयी। सूचना पर अधिकारी के परिजन सहित अन्य लोग रात में ही थाने पहुंच गये। उन्होंने यातायात पुलिसकर्मी पर केस दर्ज करने की मांग की है।
जांच के बाद करेंगे कार्रवाई
सीएससी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया, ‘ट्रैफिक पुलिसकर्मी और आर्मी के मेजर का विवाद हो गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने होटल में मेजर के परिजन और एसपी को बुलाया
आर्मी के जवानों के प्रदर्शन के बाद मंत्री ने एसपी धर्मवीर सिंह और आर्मी के अफसरों को बुलाकर तानसेन होटल में करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की। बैठक के बाद मंत्री ने बताया कि मामले का सम्मानजनक हल निकाला जाएगा।
ASI बोला- मेरी वर्दी फट गई
शिवपुरी से VIP डयूटी के लिए ग्वालियर आए एएसआई श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र और अनार सिंह के साथ इंद्रमणि नगर में तैनात थे। सीएम डाॅ. मोहन यादव का कारकेड निकलने वाला था, इसलिए ट्रैफिक रोका था। उस दौरान मेजर आशीष चौहान परिवार के साथ कार से निकले। उनकी गाड़ी को दूसरी कार ने टक्कर मार दी। इस पर मेजर भड़क गए। उन्हें मुझे बुलाकर एक्सीडेंट करने वाली कार को भगाने का आरोप लगाया। मैंने मना किया, तो वे भड़क गए। दोनों के बीच मारपीट हो गई। कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र व अनारसिंह बचाने आए, तो उनसे भी धक्कामुक्की की। इस दौरान हमारी वर्दी भी फट गई।

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