संस्कार मंजरी द्वारा आयोजित काव्यांजलि
ग्वालियर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्कार मंजरी द्वारा आयोजितए काव्यांजलि में संयोजिका प्रतिभा द्विवेदी के माध्यम से एदेश भर से कवियों ने वीडियो बनाकर अपने मन के भावों को देश को समर्पित किया।
ये तिरंगा ले कर रहे हैं राष्ट्र की आराधना, हों सदा कायम यहां पर आपसी सद्भावना
कवियत्री संध्या सुरभि मोरेना, आजादी का दीप येए जलता रहे अखंड ।
चाहे कड़कें बिजलियां, हों आंधियां प्रचंड ।।
प्रतिभा द्विवेदी
बात वही पुरानी है मगर, ज़िन्दादिली की बात आज करता हूँ
अपने देश की रक्षा खुद करे, खुद्दार आज वो चाहिये।
.शिवम् शर्मा
मुल्क की सरहदों पे जो सर दे गए, ज़िंदा रहने का हमको हुनर दे गए
उन शहीदों को कैसे भुलाएं कि जो, हिंद की शक्ल में प्यारा घर दे गए
उनकी कुर्बानियों ने गज़ब कर दिया, ज़िन्दगी भर को दर्दे.जिगर दे गए
डॉ. दीप्ति गौड़
ये वीर देश के कभी रुकते नहीं, ये वीर देश के कभी झुकते नहीं
दिलीप कुमार शर्मा, देवास
तुझे क्या चाहिए, क्यों बांधे कफन, घर में तेरी लगन, लो चला यह वतन
सॏना भी क्या है, चांदी भी क्या है सबसे कहता, महंगा बतन
संजय खान
छोटे.छोटे बच्चों के दिल में नफ़रत भरते हो, तुम मौत के सौदागर हो खुद को इंसा कहते हो।
श्रीमती किरण गुप्ता संयोजिका
आराध्य शर्मा एवं अथर्व शर्मा दोनों छोटे.छोटे बच्चों ने भी देश भक्ति से ओत.प्रोत कविताओं का पाठ किया। संयोजिका प्रतिभा द्विवेदी, संस्थापिका. नीलम जगदीश गुप्ता संरक्षक राधाकिशन खेतान मार्गदर्शक शरद आहूजा, माधुरी, माधवीसिंह, रचना गोयल आशा सिंह रितु भार्गव आशीष पारीख और सभी सम्माननीय सदस्यों ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को बधाइयां दी और कवियों का आभार व्यक्त किया।

