संगीत की धुन पर दी राष्ट्रभक्ति गीतों को अपनी आवाज, संस्कार भारती के स्वर शतकम का हुआ शुभारंभ
संस्कार भारती की राष्ट्रभक्तिपूर्ण समूह गान प्रतियोगिता
ग्वालियर -दो दिवसीय प्रतियोगिताओ की शुरुआत विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओ से हुई, जिसमें शहरभर के विद्यालयों ने प्रतिभागिता की। पारंपरिक परिधानों में, संगीत की धुन पर मंच से हर कलाकार अपनी टीम को विजई बनाने के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करता नजर आया। हर कोई अपनी आवाज के जादू से निर्णायकों पर अपनी छाप छोड़ने के प्रयास में दिखा। खास बात यह रही सभी प्रतिभागियों को महज सात मिनट में अपनी गायन प्रतिभा का परिचय मंच से देना था।
हर प्रस्तुति पर श्रोता ताली बजाए बिना न रह सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ
दीप प्रज्वलन स्तुति से हुआ। इसके बाद संस्कार भारती के ध्येय गीत का गायन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जेयू के कुलगुरु प्रो राजकुमार आचार्य, मुख्य वक्ता संगीत विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो स्मिता सहस्त्रबुद्धे, विशिष्ट अतिथि डॉ एएस भल्ला,यशपाल सिंह तोमर, विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी, गोपी मंधान, संभाग प्रमुख शेखर दीक्षित,जिलाध्यक्ष डॉ संजय धवले और महामंत्री चंद्रप्रताप सिकरवार रहे। कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य यशवंत इंदापुरकर, प्रांत सह कार्यवाह विजय दीक्षित, विभाग कार्यवाह निरुपम निवासकर, विभाग प्रचारक ललित विशेष रूप से मौजूद रहे। संस्कार भारती की ओर से मार्गदर्शक दिनेश चंद्र दुबे कोषाध्यक्ष आशुतोष वाजपेई और प्रचार प्रमुख कुलदीप पाठकसहित कई लोग मौजूद रहे।
संचालन डॉ विकास विपट ने किया।
ये बनी विजेता टीम
प्रथम. ग्लोरी स्कूल, द्वितीय. पीडी कॉन्वेंट स्कूल, तृतीय. ईसीएस स्कूल।
कल होगा अगला चरण
संस्कार भारती द्वारा शुरू किए गए दो दिवसीय स्वर शतकम’ के अंतिम दिन यानी मंगलवार को सुबह 11 बजे से महाविद्यालय स्तर पर राष्ट्र भक्ति गीत प्रतियोगिताए होंगी।

