विवेकानंद नीडम आरओबी के डिजाइन में हुआ बदलाव, फेरबदल से लेट होगा काम

ग्वालियर. 967 मीटर लंबे और 18 मीटर चौड़े निर्माणाधीन विवेकानंद नीडम रेलवे ओवर ब्रिज के डिजाइन में रेलवे ने बड़ा फेरबदल किया है। 42.80 करोड़ की लागत के इस आरओबी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में रेलवे को रेलवे प्रोजेक्ट रिपोर्ट में रेलवे को रेलवे लाइन के ऊपर 60 मीटर के हिस्से में गार्डर लांचिंग करना थी लेकिन अब रेलवे 36 मीटर मतलब पुल के सेंटर से 18-18 मीटर हिस्सा कवर करेगा। इससे लोक निर्माण विभाग की सेतु संभाग शाखा (कुल 24 मीटर) हिस्सा और कवर कर मिलान करना होगा। इससे ये प्रोजेक्ट और लेट होने की संभावना है।
मार्च 2020 में पूरा होना था काम
आरओबी की स्वीकृति 2017 में मिली थी। तब ग्वालियर से नरेन्द्र सिंह तोमर सांसद थे। उनके कार्यकाल में ही इसका शिलान्यास हुआ और वर्कऑर्डर में इसके निर्माण पूरा होने की टाइम लिमिट 31 मार्च 2020 तय की गई थी।
आरओबी का काम शीघ्र पूरा होगा- नरेन्द्र सिंह तोमर
विवेकानंद रेलवे ओवर ब्रिज का कार्य जल्द परा होगा। पहले गार्डर, स्पान व अन्य हैवी स्टील आइटम की सप्लाई नहीं मिल पा रही थी। हमने हिन्दुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन को यह काम दिया है। मेरी अफसरों से चर्चा हो चुकी है, कार्य प्रगति पर है।
हमारे काम के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है- एनएस यादव, डिप्टी चीफ इंजीनियर, उत्तर मध्य रेलवे
हिन्दुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन को विवेकानंद नीडम आओबी का काम मिला है। एचएससीएल पब्लिक सेक्टर यूनिट है और अब ये अपनी प्रक्रिया कर रही है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। जहां तक रेलवे के हिस्से की लंबाई कम करने की बात है तो यह तो कॉस्ट शेयरिंग का मामला है। कुल मिलाकर रेलवे ने कम लंबाई वाले डिजाइन को सेंक्शन दी है और निर्माण शुरू होनेवाला है।
बाद में बनाएंगे स्पान- एके जैन, अधीक्षण यंत्री, सेतु संभाग शाखा
नीडम आरओबी में हमने पहले से ही स्पान व पियर्स छोड़ रखे हैं। जब रेलवे पटरियों के पास काम पूरा कर लेगा उसके बाद हम उसे जोड़ेंगे, इसके लिए टाइम एक्सटेंशन भी लेना पड़ेगा।
डिजाइन बदल रहे है- संजय जैन, प्रोजेक्ट इंजीनियर, नीडम आरओबी
विवेकानंद नीडम रेलवे ओवर ब्रिज में रेलवे के हिस्से के निर्माण की लंबाई कम होने के कारण हम अपनी छत की डिजान में चेंज कर रहे है। छत की लंबाई बढ़ाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो रही है।

