Newsराष्ट्रीय

वक्फ संशोधन पर एनडीए एकजुट, विपक्ष की रणनीति फेल, बुधवार की सुबह लोकसभा पेश किया जायेगा बिल, सभी दलों ने कमर कसी

नई दिल्ली. अब से कुछ घंटे के बाद से ही देश की सियासत में संसद के अन्दर समय बदलने वाला है। अब 8 घंटे की बहस शुरू होगी। तय होगा कि देश की सबसे बड़ी और ताकतवर मुस्लिम संस्था वक्फ बोर्ड का समय अब बीते दौर की बात है या नहीं। कल लोकसभा में दोपहर 12 बजे वक्फ संशोधन बिल सरकार ला रही है। कल ही मतदान भी हागा और यह मय माना जा रहा है कि मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के बसे अहम बिल पर कल जीत हासिल कर सकती है। अभी तक नीतीश कुमार, चन्द्रबाबू नायडू , चिराग पासवान, मांझी जयंत चौधरी, की पार्टी ने बिल के समथ्रन में हरी झंडी दे दी है। कर्नाटक में सहयोगी जेडीएस के दोनों सांसद भी कल वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करेंगे।
भले ही तीसरी बार में अपने दम पर बहुमत से भाजपा 32 सीट दूर रह गयी हो। लेकिन कुछ ही घंटे के बाद संसद में वक्फ संशोधन बिल पर सरकार अपना शक्ति प्रदर्शन दिलायेगी। भले 63 सीट पिछली बार के मुकाबले लोकसभा में भाजपा की घटी हो। लेकिन सरकार बनाने जा रही है कि हम सीटें घटने से बड़े फैसले लेने में पीछे नहीं हटते। भले तीसरे कार्यकाल में मोदी सरकार 14 सहयोगीह दलों के 53 सांसदों के समर्थन पर टिकी हो लेकिन सरकार कुछ ही घंटे में बताने जा रही है कि बहुमत से बढ़स सर्वमत होता है । ऐसे में आज इस सवाल को समझना है कि क्या देश में धर्म निरपेक्षता के नाम पर हाती आयी राजनीति का समय अब वक्फ बिल के साथ बदलने जा रहा है।
क्या बदलने वाली है मुस्लिम वोट की सियासत?
‘धर्मनिरपेक्षता की राजनीति’ ये वो शब्द है जो 90 के दशक की सियासत में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की तरफ से गढ़ा जाता था. जहां बीजेपी को सांप्रदायिक बताकर विरोधी धर्मनिरपेक्षता का दावा करके एकजुट हो जाता था और तब बीजेपी सत्ता में रहते हुए भी धर्मनिरपेक्षता का छाता लगाकर होती विरोधियों की राजनीति के आगे बड़े फैसले लेने में हिचकिचाती थी. लेकिन 21वीं सदी में मोदी स्टाइल सियासत अलग है. जहां धर्मनिरपेक्षता के तराजू पर बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने वाले विरोधियों के मंसूबे बुधवार को वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर हवा में लटके रह सकते हैं क्योंकि गठबंधन सरकार होने के बावजूद नीतीश-नायडू, चिराग, मांझी के समर्थन के साथ मोदी सरकार का पलड़ा भारी लग रहा है।
सरकार जिस वक्फ बिल के जरिए बदलाव ला रही है वो केवल वक्फ बोर्ड को ही नहीं बदलने वाला है, बल्कि देश की मुस्लिम वोट की सियासत और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर होती राजनीति को भी बदल रहा है. क्योंकि विपक्ष के तमाम तानों, उलाहनों के बावजूद ना तो नीतीश, ना चंद्रबाबू नायडू, ना चिराग पासवान, ना ही जयंत चौधरी का स्टैंड बिल के विरोध में आया है. वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा में पास होता है तो ये राहुल गांधी की राजनीति के लिए झटका होगा ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al coinbar coinbar giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş güncel best online casinos in new zealand padişahbet padişahbet giriş padişahbet güncel giriş kalebet kalebet giriş kalebet güncel giriş kralbet kralbet giriş kralbet güncel giriş jasminbet jasminbet giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş alobet alobet giriş jojobet jojobet giriş betasus betasus giriş betnano betnano giriş betpipo betpipo giriş betplay betplay giriş betsmove betsmove giriş egebet egebet giriş imajbet imajbet giriş jokerbet jokerbet giriş marsbahis marsbahis giriş jojobet jojobet giriş ultrabet ultrabet giriş restbet restbet giriş supertotobet supertotobet giriş perabet perabet giriş holiganbet holiganbet güncel giriş holiganbet giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş meritking meritking giriş casibom casibom giriş casibom güncel giriş perabet perabet giriş perabet güncel giriş jojobet grandpashabet casibom jojobet grandpashabet casibom jojobet casibom grandpashabet casibom jojobet grandpashabet casibom casibom casibom giriş casibom güncel giriş casibom güncel meritking meritking giriş meritking güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş