यशोदा रेसीडेंसी का अवैध निर्माण टूटेगा
ग्वालियर. अवैध ढंग से तैयार की गई महलगांव स्थित यशोदा रेसीडेंसी को नियमों के खिलाफ तैयार कराने वाले और बिल्डर को सरंक्षण देने वाले तीन अधिकारी नपेंगे। नगर निगम के दाे अधिकारी व टीएंडसीपी के ज्वाइंट डायरेक्टर पर एफआइआर होगी। साथ ही यशोदा रेसीडेंसी का अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा और अविक्रीत निर्माण का विक्रय कर विकास कराया जाएगा। एक माह में इस पूरी कार्रवाई को करने के लिए समय दिया गया है। यह आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के अनुमोदन पर अपर कलेक्टर एचवी शर्मा की ओर से जारी किया गया है। आदेश की प्रति शिकायतकर्ता से लेकर नगर निगम, टीएंडसीपी सहित सभी संबंधित विभागों को भेजी गई है। यशोदा रेसीडेंसी दिल्ली के अवैध ट्विन टावर की तरह यहां चर्चा का विषय है।
निगम अफसर ही बिल्डर को संरक्षण दे रहे थे
इसको लेकर आदेश का इंतजार किया जा रहा था। तीन अनुमतियों पहले ही निरस्त कर दी गई थीं। नगर तथा ग्राम निवेश से तीन विकास अनुज्ञाएं निरस्त होने के बाद जिस पाश टाउनशिप यशोदा रेजीडेंसी में निगम को तुड़ाई करनी चाहिए थी, लेकिन इस मामले में निगम अफसर ही बिल्डर को संरक्षण दे रहे थे। तमाम जांचों में बिना अनुमति, अनुमति से अधिक और नियम विरुद्ध निर्माण सिद्ध हो चुका था, लेकिन बार-बार जांच की नौटंकी की जा रही थी। रेसीडेंसी में अवैध निर्माण, बिना अनुमति बनाए जाने से लेकर पार्क की जमीन पर निर्माण को लेकर कलेक्टर से बीसी मिश्रा ने शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर ने एसडीएम झांसी रोड को जांच का जिम्मा दिया। इस जांच में वित्तीय अनियमित्ता से लेकर अवैध निर्माण तक तथ्य पुष्ट हो गए। इसके बाद गत 17 अगस्त को एडीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर फिर इसे टाल दिया है।
आदेश जारी
जांच में यह तीन अधिकारियों पर दोष, अभी कार्रवाई और एफअाइआर होगी इस मामले में जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्कालीन भवन निरीक्षक राजीव सोनी वर्तमान में भवन अधिकारी ग्रामीण, तत्कालीन भवन अधिकारी महेंद्र अग्रवाल वर्तमान में प्रभारी कालोनी सेल व तत्कालीन नगर निवेशक राजकुमार पांडेय वर्तमान में ज्वाइंट डायरेक्टर टीएंडसीपी सागर पर दंडात्मक कार्रवाई व एफआइआर दर्ज की जाएगी।
यशोदा रेसीडेंसी टाउनशिप के अवैध निर्माण के मामले में जिला कलेक्टर के अनुमोदन के बाद आदेश जारी किया गया है। नगर निगम व टीएंडसीपी के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई व एफआइआर होगी। अवैध निर्माण हटाकर अविक्रीत निर्माण का विक्रय कर विकास में लगाया जाएगा।
एचवी शर्मा, अपर कलेक्टर, ग्वालियर

