मुरैना में चोरी की मोटरसाईकिल से अफरा तफरी, एक साल पुरानी मोटरसाईकिलों को चोरी कर गांवों में बेच देते थे
मुरैना. शहर में चोरों को चोरी की मोटरसाईकिल से तफरी करना महंगा पड़ गया। कोतवाली थाना पुलिस ने चैकिंग के दौरान 2 युवकों को एक मोटरसाईकिल से जाते हुए रोका। जब उनसे गाड़ी के कागज मांगे तो वह नहीं दे सके। पुलिस को शक हुआ। उन्होंने कहा है कि घर से कागज मंगवा लो। वह घर से भी नहीं मंगवा सके। इस पर पुलिस का शक गहरा गया। पड़ताल की तो वह चोरी की निकली। उस मोटरसाईकिल की रिपोर्ट बामौर थाने में दर्ज थी। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने 8 मोटरसाईकिल चोरी करना स्वीकार किया।
पुलिस के मुताबिक शहर में लगभग आधा दर्जन मोटरसाईकिल चोर गैंग घूम रही है। गैंग के सदस्य उन लापरवाह मोटरसाईकिलों मालिकों को निशाना बनाते हैं। जो अपनी मोटरसाईकिल बैंक, होटल या किसी कार्यालय के बाहर सड़क पर खड़ी करके जल्दबाजी में चले जाते हैं। चोर समझ जाते हैं कि फलां व्यक्ति लगभग आधे घंटे में आयेगा। उसके जाते ही मास्टर चाबी से लॉक खोल लेते हैं और मोटरसाईकिल लेकर फुर्र हो जाते हैं। यह बात स्वयं चोरों ने कोतवाली थाना पुलिस को पूछताछ में बताई गयी है।
नई बाइक को बनाते हैं निशाना
पकड़े गए चोरों ने पुलिस को बताया कि वे नई बाइकों को निशाना बनाते हैं, क्योंकि बेचने पर उनके दाम ठीक-ठाक मिल जाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक साल पुरानी बाइक के उन्हें 8 से 10 हजार रुपए आसानी से मिल जाते हैं। यह बाइकें वे गांव-देहात में बेचते हैं जहां पूछताछ करने वाला कोई नहीं होता है।
अलग-अलग क्षेत्रों की हैं बाइकें
पुलिस ने बताया कि जब्त की गईं 9 बाइकें अलग-अलग क्षेत्रों की हैं। जिस बाइक पर दोनों चोर बैठे थे वह बामौर की है। दो बाइकें कोतवाली थाना क्षेत्र की हैं क्योंकि उनकी कोतवाली में चोरी की रिपोर्ट दर्ज है। तीन सिविल लाइन थाना क्षेत्र की हैं तथा वहां उनकी चोरी की रिपोर्ट दर्ज है। बाकी बची तीन बाइकों के मालिकों का पता नहीं लग सका है। पुलिस के मुताबिक वह संभवत: राजस्थान की हैं।

