मप्र में शादी के लिए नई गाइडलाइन, 300 मेहमान हो सकेंगे शामिल
भोपाल. मध्य प्रदेश में देवउठनी एकादशी से विवाह की शहनाइयां गूंजने लगेगी। कई जोड़े देवउठनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त में विवाह सूत्र में बंधेंगे, तो कई नवंबर-दिसंबर के 16 मुहूर्त में शादी करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार ने भी शादी में शामिल होने वाले घराती-बराती की संख्या में छूट दी है। शादी में 300 मेहमान शामिल हो सकेंगे। कोरोना काल के डेढ़ साल में पहली बार इतनी छूट मिली है। वहीं, बारात भी निकाली जा सकेगी। हालांकि, शादी और बारात को लेकर संबंधित एसडीएम (अनुविभागीय अधिकारी) से परमिशन जरूरी होगी।
इस साल अप्रैल में कोरोना कर्फ्यू के चलते शादियां नहीं हो सकी थी। वहीं, सरकार ने कई दिनों तक मैरिज गार्डन बंद रखे थे। काफी मांग के बाद जब मैरिज गार्डन, हॉल या धर्मशालाएं खुलीं तो मेहमानों की संख्या 50 थी। बाद में यह 100 कर दी गई। 6 अक्टूबर को गृह विभाग ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए शादी में मेहमानों की संख्या बढ़ाकर 300 कर दी।
नाइट कर्फ्यू का पालन जरूरी
मैरिज गार्डन संचालकों की मानें, तो मेहमानों की संख्या बढ़ाने के साथ सरकार ने बारात निकालने पर भी मंजूरी दी है, लेकिन शादी और बारात की संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से परमिशन लेना जरूरी रहेगा। डीजे भी रात 10 बजे तक ही बजाया जा सकेगा। वहीं, रात 11 से सुबह 6 बजे के बीच लागू नाइट कर्फ्यू का पालन जरूरी होगा। सरकार ने अभी नाइट कर्फ्यू नहीं हटाया है।

