भगवान खजराना गणेश को बांधी 196 वर्गफीट की राखी, कोलकाता-इंदौर के कारगीरों ने रातभर में तैयार की राखी

इन्दौर. जनता के सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य और देश के वीर सैनिकों की रक्षा की मनोकामना के साथ रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को विश्व प्रसिद्ध भगवान खजराना गणेश को 100 वर्गफीट की विशाल राखी बांधी गयी। राखी बांधते समय पंडितों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। खास बात यह कि यह राखी अलग-अलग शहरों से लाये गये फूलों से इन्दौर और कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में तैयार की गयी है। जिसमें 5 दिन तक ताजगी रहेगी। राखी श्री विघ्नहर्ता गणेश भक्त समिति ने बनाई है। समिति के संस्थापक राजेश बिड़कर और राहुल शर्मा ने बताया है कि यह लगातार 9वां वर्ष है। जब विशाल राखी श्री गणेष को अर्पित की गयी है। राखी अर्पित करने की शुरूआत 8 वर्ष पूर्व की गयी थी। तब 6, 36 वर्गफीट की राखी बनायी गयी थी। उनका कहना है कि जब खजराना गणेश की स्थापना हुई तो उनका स्वरूप काफी छोटा थरा। फिर धीरे-धीरे बढ़ते गया। इसी तरह हर साल राखी का साइज भी बढ़ाया गया है। इस बार 14 14 यानी कि 196 वर्ग फीट की राखी तैयार की गयी है। इसकी डोर मंदिर के चारों ओर घुमाकर बांधी गयी। उनका दावा है कि यह राखी दुनिया की सबसे बड़ी राखी है।
दिल्ली, पूणे और बेंगलुरू से मंगाये गये फूल
समिति हर बार अलग थीम लेकर चलती है। पिछले साल पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर राखी बनाई गयी थी। इस बार ऑपरेशन सिन्दूर को ध्यान में रखकर राखी का निर्माण किया गया है। राखी ऑरिजनल फूलों से बनायी गयी, इसके लिये बेंगलुरू, दिल्ली, पूणे आदि शहरों फूल मंगवायें गये हैं।यह फूल ऐसी विशेष प्रजातियों के हैं कि 10 दिनों तक इनका लुक और ताजगी एक जैसी रहेगी। जो फूल उपयोग किये गये हैं। उनमें ऑरिएंटल लिली लिलियम, आईडेलिया, एंथोरियम, ऑर्किड, सुरजमुखी, कारनेशन, क्रिसेंथेमम्स, चाइना पाम, विक्टोरिया, सुंग ऑफ इंडिया, जिप्सो आदि हैं इसके अलावा कई देशी प्रजातियों के फूल उपयोग किये गये हैं।
पहली बार फूलों वाली विशाल राखी
इस विशाल राखी का निर्माण इंदौर के फ्लोरिस्ट यथार्थ माहेश्वरी की टीम ने किया है। इसके निर्माण में लोहे के एंगल, जाली, थर्माकोल और 100 किलो देशी और विदेशी फूलों का उपयोग किया है। उन्होंने बताया कि उनका सालों से फ्लावर डेकोरेशन का कामकाज है, लेकिन पहली बार फूलों से विशाल राखी बनाई है। यह अपने आप में रोचक होने के साथ चुनौतीपूर्ण था। यह काम अपने आप में काफी अलग रहा।
रात 9 बजे मंदिर परिसर में शुरू हुआ फाइनल फेस का काम
शुक्रवार रात 8 बजे खजराना गणेश मंदिर लाए गए लोहे के स्ट्रक्चर पर फाइनल फेस का काम रात 9 बजे शुरू हुआ। कारीगरों ने फेम में थर्माकोल और फूल लगाना शुरू किया। यह काम अलसुबह तक चला। बता दें कि राखी के लिए लोहे का स्ट्रक्चर 10 दिन पहले से बनाया जा रहा था। इस काम में 10 कारीगर-कलाकारों की टीम लगी थी। यह विशाल राखी रक्षाबंधन से जन्माष्टमी तक भक्तों के दर्शन के लिए खजराना गणेश मंदिर में ही रखी जाएगी। राखी का मजबूत आधार फेब्रिकेशन टीम के आशीष मंडल, प्रसन्नजीत,सनी वहाड़, बिमल मंडल आदि ने किया।

