बिहार में फिर टूटा पुल, वर्षा की वजह से नीचे गिरा स्लैब, 1.5 लाख लोग हुए प्रभावित
जामुई. बिहार में पुल गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 2 दिनों से लगातार वर्षा के बाद जामुई जिला में भी एक पुल ध्वस्त हो गया और जिसके बाद आवागमन प्रभावित हो गया है। गौरतलब है कि पिछले 2 दिनों में लगातार वर्षा हो रही है। वर्षा के बाद जिले के कई इलाकों में पानी घुस रहा है तथा कई जगह पर घुटनों पर पानी भर गया है। इस दौरान जमुई जिला से एक बड़ी खबर यह आ रही है कि वर्षा के बाद एक पुल ध्वस्त हो गया। इसके 2 पिलर पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गया हैं और पुल का स्लैब जमीन पर बैठ गया और जिसके बाद 10 पंचायत के 24 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
दरअसल, जमुई जिला के सोनो प्रखंड मुख्यालय से चूरहेत जाने वाले रास्ते में नदी पर बना पुल बारिश के कारण ध्वस्त हो गया। पुल का पिलर संख्या-7 और पिलर संख्या-8 के बीच का स्लैब टूट कर गिर गया है. इस पुल से सोनो प्रखंड के 10 पंचायत के 24 गांव मुख्य सड़क से जुड़े हुए थे और यहां की डेढ़ लाख से अधिक लोगों का आवागमन इस पुल के जरिए होता था। पानी के तेज बहाव के कारण शुक्रवार को ही पूल में दरार आना शुरू हो गया था और शनिवार सुबह जब लोग सो कर उठे तब देखा कि यह पुल धराशाई हो गया है। इसका निर्माण वर्ष 2011 में कराया गया था. तब से नक्सल प्रभावित इलाके के लोगों के लिए यह पुल वरदान साबित हो रहा था।
जान हथेली पर लेकर सफर कर रहे है वाहन चालक
पुल टूटने के बाद अभी उसका स्लैब पूरी तरह से नहीं गिरा है। लोग जान हथेली पर रखकर अभी भी इस पुल का यात्रा कर रहे हैं। ग्रामीणों को जब खबर हुई तो उन्होंने इसकी जानकारी जिला प्रशासन और पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने इस पुल के उपयोग पर रोक लगाई तथा लोगों को आने -जाने से रोकने के लिये पुल के दोनों किनारों पर बैरिकैडिंग भी किया गया है।

