बांग्लादेशी आतंकियों के खतरनाक मंसूबे, जमात-ए-मुजाहिदीन की असम-दक्षिण के रास्ते MP में एंट्री
भोपाल. भोपाल में पकड़े गए प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के आतंकी भारत में खलीफा शासन की साजिश रच रहे थे। इसके लिए वह बड़ी मात्रा में धन-बल का उपयोग कर रहे हैं। आतंकी मध्यप्रदेश में असम के रास्ते दक्षिण से होते हुए घुसे। अरबी में ‘खलीफा’ शब्द का मतलब ‘प्रतिनिधि’ या ‘उत्तराधिकारी’ होता है। पैगम्बर मुहम्मद की 632 ईसवी में मृत्यु के बाद पूरे मुस्लिम जगत की राजनीतिक बागडोर संभालने वालों को ‘खलीफा’ कहा जाता था। जिस प्रकार ‘रईस’ के राज को ‘रियासत’, ‘अमीर’ के राज को ‘अमीरात’ और ‘खान’ के राज को ‘खानत’ कहते थे, उसी तरह ‘खलीफा’ के राज को ‘खिलाफत’ कहा जाता था।
मध्यप्रदेश में इस तरह पहुंचा
भारत में सबसे पहले असम पुलिस ने JMB से संबंधित 56 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। जांच में इनके पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा राज्यों के जिलों में भारत-बांग्लादेश सीमा के 10 किलोमीटर क्षेत्र के भीतर स्थायी अड्डे बनाने की साजिश का पता चला था। यह भारतीय उपमहाद्वीप में खलीफा शासन स्थापित करने के व्यापक उद्देश्य से दक्षिण भारत में इसका नेटवर्क फैलाने में लगे हैं। यहीं से इन्होंने मध्यप्रदेश और खासतौर पर भोपाल में अपना नेटवर्क बनाया। जमात-ए-मुजाहिदीन बांग्लादेश भारत में दो नाम से सक्रिय है। जमात-ए-मुजाहिदीन इंडिया और जमात-ए-मुजाहिदीन हिंदुस्तान।

