रेल यात्रियों को बड़ी राहत, अब मिलेगी कंफर्म सीट
भोपाल. कोरोना संक्रमण के कम होने के साथ ही अब रेलवे यात्री सुविधाओं मं इजाफा कर रह है। वही छोटे रेल यात्री नन्हें रेल यात्री जिनकी उम्र 5 साल तक है उनको भी रेलवे ने राहत देते हुए अब वर्थ अलोट करने के नियम को बदल दिया है अब तक 5 साल तक के बच्चों का किराया नहीं लिया जाता था। रेलवे ने नियम में संसोधन करते हुए अब 5 साल तक के रेल यात्रियों को भी सीट देने का फैसला किया है।
रेलवे के नए नियम से रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली है। अब बच्चों के साथ सफर के दौरान बर्थ को लेकर परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। खासकर 5 वर्ष आयु तक के बच्चों को लेकर बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे अब उन्हें भी बर्थ देगा। रेलवे बोर्ड इस व्यवस्था को एक अप्रेल से लागू करने की तैयारी में है। पिछले कई वर्षों से 5 से 12 वर्ष तक के बच्चों को रेलवे पूरा किराया लेकर बर्थ उपलब्ध करवा रहा है। अब नियमों में संशोधन करते हुए रेलवे ने 5 वर्ष आयु तक के बच्चों को भी बर्थ उपलब्ध कराने का फैसला किया है। हालांकि, इसके लिए व्यस्क यात्री जितना किराया बसूला जाएगा। दक्षिण पश्चिम रेलवे भोपाल मंडल के पीआरओ सूबेदार सिंह ने बताया कि इसको लेकर इस वर्ष के शुरुआत में एक आदेश भी जारी हो चुका है। उनके मुताबिक बच्चों के दिव्यांग होने की स्थिति में नियमों के अनुसार छूट मिलेगी।
आधा ही लगेगा किराया
वही 5 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए रेलवे ने पुराना नियम ही लागू रखा है। यदि बच्चे को लिए वर्थ नहीं चाहिए तो परिजनों को आधा किराया देना होगा। लेकिन बर्थ लेने के लिए उन्हें पूरा चार्ज देना होगा। रेलवे के नए नियम के आने से लम्बी दूरी तक बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी रहात मिल सकेगी। हालांकि बच्चों को सीट दिलाने के एवज में उनको रेलवे को किराया देना होगा।

