देश विरोधी नारेबाजी करने वाले आरोपियों की पैरवी को लेकर कोर्ट में वकीलों के बीच विवाद
उज्जैन. उज्जैन में मोहर्रम पर देश विरोधी नारेबाजी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। कोर्ट में आरोपियों की पैरवी को लेकर मंगलवार को जिला न्यायालय में वकीलों के बीच विवाद हो गया। मामला थाने तक पहुंचा। हालांकि, बार एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। मामले में दोनों ही पक्ष खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
दरअसल, 19 अगस्त को मोहर्रम के मौके पर उज्जैन के इमामबाड़े के नजदीक देश विरोधी नारेबाजी की गई थी। पुलिस ने मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन युवकों पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। उनके वकील आशीष तिवारी जब सुबह कोर्ट पहुंचे, तो उनके साथ लोकेंद्र मेहता और बार के बाकी सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई। घटनाक्रम को लेकर तिवारी ने माधव नगर थाने में शिकायत कर दी।
तिवारी ने बताया, यह बार सदस्यों के बीच का मामला था। मामले में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक यादव ने समझौता करा दिया है। वहीं, अधिवक्ता और भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष लोकेंद्र मेहता ने बताया कि उज्जैन बार एसोसिएशन का कोई भी वकील देशद्रोही नारेबाजी करने वालों के लिए पैरवी न करे। इस संबंध में बार अध्यक्ष अशोक यादव को पत्र लिखा था। दूसरी ओर, एडवोकेट तिवारी को भी मामले में समझाइश दी थी। इस बात को लेकर कहा-सुनी हो गई हालांकि, अब इस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।

