जीवाजी विश्वविद्यालय की ईसी बैठक में 2 संविदा शिक्षकों के कार्यकाल को लेकर वीसी और ईसी के बीच तीखी बहस

ग्वालियर. बुधवार की सुबह 11.30 बजे जीवाजी विश्वविद्यालय कार्य परिषद सदस्यों और कुलपति के बीच 2 संविदा शिक्षकों समयावधि बढ़ाने को लेकर तीखी नोंकझोंक हुई इस संबंध कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी ने ईसी सदस्य शिवेन्द्र राठौर से कहा कि आप मुझ से इस तरह से बात मत कीजिये। ईसी बैठक में इस बात पर सहमति नैक निरीक्षण के पहले दो संविदा शिक्षक सत्येन्द्र सिंह सिकरबार और वीके जैन का कार्यकाल फिलहाल 6 माह के लिये बढ़ा दिया है। कार्यपरिषद् के सदस्यों ने दोनों प्राध्यापकों के भविष्य मंें कार्यकाल बढ़ाये जाने के लिये 2 माह में कार्यवाही पूर्ण की जाये और कार्यवाही पूर्ण करने के लिये समिति गठित करने के कुलपति को अधिकृत किया है। ईसी बैठक में कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी, रजिस्टार राजेन्द्र बघेल, नवागत सदस्य एसके सिंह, प्रो. रत्नम, डीएन गोस्वामी, योगेश उपाध्याय, शिवेन्द्र राठौर, विवेक भदौरिया, संजय यादव, प्रो. जयसवाल आदि लोग उपस्थित रहें।

ईसी बैठक में सदस्यों के तीखे तेवर
सुबह 11.30 बजे बैठक शुरू होते ही ईसी सदस्यों ने बैठक एजेंण्डा एक तरफ रख दिया था अन्य मुद्दों पर चर्चा करना शुरू कर दी जीवाजी विश्वविद्यालय के कुछ विभागों में अध्यादेश 4सी और 4डी के तहत कुछ वर्ष पूर्व नियुक्त किये गये संविदा शिक्षकों का कार्यकाल बढाये जाने का लेकर तीखी बहस जारी रहीं।
नैक निरीक्षण की तैयारी
विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता नैक का निरीक्षण कर ए ग्रेड हासिल करना है। एक छोटी गलती से पूरी ईसी पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है। ईसी के दबाव में की गयी कार्यवाही के लिये कुलपति जिम्मेदार होता है और फिर लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और राजभवन से हमसें पूछताछ करता है। उस वक्त हम क्या जबाव देंगे। इसलिये जो कार्यवाही हो वह नियमानुसार हो।
नैक की टीम निरीक्षण करेगे
जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में पार्को के रखरखाव, क्लास रूम, प्रैक्टीकल लैब, स्टाफ की संख्या, पर्याप्त फैकल्टी, कैम्पस में वाई-फाई की व्यवस्था, डिपार्टमेंट, सामान की खरीदारी आदि का नैक की टीम निरीक्षण करती है।

