घर में भ्रूणलिंग परीक्षण करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार डॉक्टर

मुरैना. जौरा रोड के पास एक मकान में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए आरोपी फर्जी डॉक्टर संजू शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा। ग्वालियर की पीएनडीटी समिति को इस काले व्यापार की खबर मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की ग्वालियर और मुरैना टीम ने सामाजिक कार्यकर्त्ता मीना शर्मा के साथ मुरैना में छापा मार कार्यवाही की है।
ग्वालियर -मुरैना स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा लिंग भ्रूण परीक्षण गिरोह पर कार्यवाही हेतु प्लानिंग कर एक महिला को तैयार किया गया सिविल ड्रेस में महिला पुलिसकर्मी भी साथ रहे। टीम जांच करने प्रेमनगर पहुंची। जहां संजीव शर्मा अपनी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ पहले से मौजूद था। जैसे ही उसने अल्ट्रासाउंड करना शुरू किया जांच टीम ने उसे चारों घेरकर दबोच लिया।
पश्चिम बंगाल से खरीद कर लाया मशीन
2 माह पूर्व जयपुर में एक व्यक्ति पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बेचते हुए पकड़ा गया था। आरोपी के पास मुरैना के संजीव उर्फ संजू शर्मा का फोटो था। उसने पूछताछ में संजीव द्वारा भ्रूण परीक्षण की बात जयपुर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को बताई थी। वहां से इसका फोटो ग्वालियर और मुरैना स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया था ।तब से इसकी तलाश की जा रही थी।
जिले में यह दूसरा गिरोह
स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम के ग्वालियर सदस्य डॉ प्रबल प्रताप सिंह के अनुसार 2 मई 2025 को हमने एक गैंग के सरगना पंकज तिवारी को गिरफ्तार किया था उसके साथ आशा कार्यकर्ता भी गिरफ्तार की गई थी। यह उसका इस तरह का दूसरा ग्रुप है। इसका मुखिया संजीव शर्मा है जिसे आज गिरफ्तार किया है। इसका फोटो पश्चिम बंगाल में साथियों के साथ खींचा गया था जो जयपुर में गिरफ्तार हुए। सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा के अनुसार संजीव शर्मा और इसके एजेंट डोर टू डोर जाकर अपनी पोर्टेबल मशीन से भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे है। इसके बदले ये दो से चार हजार रुपए लेते है। और यदि लड़की है तो उस भ्रूण की हत्या की मौटी रकम ली जाती है। ये लोग उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मप्र, राजस्थान, दिल्ली सभी जगह सक्रिय है।

