ग्वालियर में ठंड ने बढ़ाई लकड़ी-कोयला की मांग, दोगुना हो गई लकड़ी और कोयला की खपत
ग्वालियर. ठंड की थर्ड डिग्री आते ही उससे बचाव के लिए अलाव ही सहारा है। यही कारण हैं कि शहर में कोयला और लकड़ी की बिक्री में भी बढ़ोतरी हो गई है। लोग इस हाड़ कपा देने वाली ठंड से बचने के लिए अलाव ही सहारा है और इससे कोयले और लकड़ी की खरीदारी कर रहे हैं। कोयला खरीदने के लिए कॉल डिपो पर लोगों की लगातार भीड़ लगी रहती है। वहीं कोयले की खपत में 30 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पहले कोयले की खपत 20 प्रतिशत थी, क्योंकि लगातार ठंड बढ़ती जा रही है इसलिए कोयले की अधिक खपत हो रही है। अगर ठंड इसी तरह बढ़ती रही तो कोयले की खपत में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।
बिक्री में 30 से 40 फीसदी हुई बढ़ोतरी
गुप्ता कॉल डिपो के संचालक नीरज गुप्ता का कहना है कि सर्दी देरी से पड़ी है फिर भी ठंड बढ़ने के कारण इसकी बिक्री भी बढ़ गई है, लोग पांच-पांच दस-दस किलो कोयला और लकड़ी खरीदने आ रहे हैं। कोयले की खपत में 30 से 40 प्रतिशत का सीधा इजाफा हुआ है क्योंकि ग्वालियर में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है इसलिए कोयला और लकड़ी को खरीदने वाले ग्राहक भी लगातार इन्हें खरीदने के लिए आ रहे हैं। अगर ठंड इसी तरह लगातार बढ़ती रही तो इसकी बिक्री और भी बढ़ेगी। साथ ही कोयले और लकड़ी की कीमत भी बढ़ सकती है। अभी कोयला 35 प्रति किलो और लकड़ी 10 प्रति किलो बिक रही है पहले कोयला और लकड़ी की खपत करीब 15 से 20 परसेंट थी। जो कोयला 10 टन बिकता था वहीं अब 40 टन पर पहुंच गया है।

