ग्वालियर में भीम सेना के चीफ को घुसने पर रोक, पुलिस ने 24 घंटे में मांगा जवाब और भडकाऊ पोस्टों पर नजर
ग्वालियर. हाईकोर्ट ग्वालियर बेंच परिसर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हरियाणा के गुरूग्राम से भीम सेना की टीम मध्यप्रदेश के मुरैना तक पहुंच गयी है। लॉ एंड ऑर्डर के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने भीम सेना के चीफ सतपाल तंवर को नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट आने पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही 24 घंटे के अन्दर 3 सवालों के जवाब मांगे है। पुलिस ने माहौल खराब होने से रोकने के लिये भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखने के लिये 3 टीमें बनाई है। सतपाल तंवर के जयपुर हाईकोर्ट में मनु की प्रतिमा को हटाने की धमकी भरे बयान के बाद राजस्थान और मध्यप्रदेश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर है।
भीम सेना को ग्वालियर में घुसने पुलिस रोकेगी
स्तपाल तंवर के नेतृत्व में भीम सेना की एक टीम गुरूग्राम से ग्वालियर के लिये रवाना हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्टर जारी कर अपने समर्थकों से ग्वालियर और जयपुर पहुंचने का आव्हान किया है। जिसमें उन्होंने बाबा साहबअ के सम्मान के लिये कुर्बानी देने की बात कहीं है। ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बढ़ायी गयी है।
भीम सेना चीफ ने सम्मान की लड़ाई बताया
ग्वालियर रवाना होने से पहले गुरुग्राम में पत्रकारों से बातचीत में सतपाल तंवर ने कहा कि वे माहौल खराब नहीं करना चाहते और शांतिपूर्वक तरीके से हाईकोर्ट में संविधान निर्माता बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करवाना चाहते हैं। ताकि देश के करोड़ों लाेगाें की भावना बनी रहे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रतिमा का सवाल नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान की लड़ाई है।
प्रतिमा स्थापना का काम रोकना गलत
उन्होंने कहा कि वकीलों के एक वर्ग और मध्य प्रदेश सरकार के ढीले रवैये के कारण प्रतिमा स्थापना का काम रुक गया है। जिससे भीम सेना के सदस्यों में आक्रोश है। गुरुग्राम के रहने वाले भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने तीन दिन पहले बयान जारी कर कहा था कि वे खुद ग्वालियर हाईकोर्ट पहुंचकर बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित करवाएंगे।

