ग्वालियर-चंबल संभाग के 92 पुराने पुलों का किया जा रहा है परीक्षण
ग्वालियर. ग्वालियर चंबल संभाग के आठ जिलों में बने 92 पुराने पुलों का पीडब्ल्यूडी के सेतु संभाग द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। यह परीक्षण मई के अंत तक चलेगा। इस दौरान सभी पुलों के बेरिंग व स्पान आदि को चेक किया जाएगा। जांच के दौरान पुल पर खड़े होकर इसके मूवमेंट को जांचा जाता है। पुल में मूवमेंट कम होने पर इसके स्पान व बेरिंग को बदला जाता है।
पत्थरों से बना है पड़ाव पुल
पड़ाव पुल शहर के सबसे पुराने पुलों में गिना जाता है। इसे 60 के दशक में बनाया गया था। इस पुल को चाबी वाला पुल भी कहा जाता है, क्योंकि इस पुल में लगे पत्थर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। हालांकि अहतिहातन इस पुल से भी भारी वाहनों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाती है। नवीन पुल के निर्माण के समय इस पुल से भारी क्रेन को गुजरा जाना था, जिसकी इजाजत पीडब्ल्यूडी ने नहीं दी थी।
सिटी सेंटर व पड़ाव पुल सबसे व्यस्त
सिटी सेंटर पर बना 30 साल पुराना पुल सबसे व्यस्त पुल में शुमार है, यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। हालांकि इस पुल की मरम्मत भी वर्ष 2012 में तत्कालीन कलेक्टर पी नरहरि के समय कराई गई थी। उस समय इस पुल के सभी जोड़ों के बीच लगे स्ट्रील को बदला गया था। साथ ही इस पर मेस्टिक एसफाल्ट वाली सड़क बिछाई गई थी।

