गहलोत सरकार ने ध्वनि मत से विश्वास मत जीता
राजस्थान. गहलोत सरकार पर अब अगले 6 महीने कोई संकट नहीं क्योंकि गहलोत सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत ध्वनि मत से जीत लिया। विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस के दौरान गहलोत ने कहा भाजपा और उनके हाईकमान ने सरकार गिराने की कोशिश की थी लेकिन राजस्थान में सियासी घटनाक्रम का जिस तरह अंत हुआ उससे अमित शाह को धक्का लगा।
विश्वास मत पर 3 घंटे बहस चली
विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। कांग्रेस के चीफ व्हिप महेश जोशी ने स्पीकर सीपी जोशी के सामने विश्वास मत प्रस्ताव का नोटिस रखा। मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देने के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही 21 अगस्त तक स्थगित
कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने श्विास मत प्रस्ताव रखा और बहस शुरू हो गई। करीब 3 घंटे चली बहस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जवाब के बाद पूरी हुई और विश्वास मत प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही अगले शुक्रवार यानी 21 अगस्त तक स्थगित कर दी गई।

