ओल्ड पेंशन पर बीजेपी विधायकों की बोलती बंद, पेंशन की मांग को लेकर 22 कर्मचारी संगठन एकजुट
भोपाल. मध्यप्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस ने पुरानी पेंशन की मांग करते हुए विधानसभा से वॉक आउट कर दिया। ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर भाजपा के 20 विधायकों से बात की। सभी विधायकों से एक ही सवाल था – क्या ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करना चाहिए। 20 विधायकों में दो ने ही खुलकर कहा- हां, लागू करना चाहिए। 13 विधायकों ने गोलमोल जवाब दिए। पांच विधायक सवाल सुनकर बिना जवाब दिए ही आगे बढ़ गए।
ओल्ड पेंशन की मांग को लेकर 22 कर्मचारी संगठन एकजुट
दरअसल, वे न तो कर्मचारियों को नाराज करना चाहते हैं और न ही पार्टी लाइन के खिलाफ जा सकते हैं। वजह यह है कि ओल्ड पेंशन की मांग को लेकर प्रदेश के 22 कर्मचारी संगठन एकजुट हैं। सत्ता में आने पर ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का वादा कर कांग्रेस ने आग में घी का काम किया है। कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी भी कर चुकी है।
1.88 लाख पुरानी पेंशन स्कीम में आते हैं
प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की संख्या 6.70 लाख है। इसमें 4.82 लाख कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में हैं, जबकि 1.88 लाख पुरानी पेंशन स्कीम में आते हैं। न्यू पेंशन वाले करीब 5 लाख कर्मचारी के परिवार वालों को जोड़ लें, तो ये संख्या 20 लाख होती है। प्रदेश के 5 शहरी बहुल जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर इनकी संख्या ज्यादा है। 2018 के विधानसभा चुनाव के परिदृश्य को देखते हुए 20 लाख वोटरों को नाराज करना बीजेपी के लिए भी आसान नहीं है। ये कुल वोटरों का लगभग 4 % है।

