उमेश्पाल के हत्यारों तलाशने में जुटी है 28 टीमें, 13 राज्य और 3 देश, शरणदाता गिरफ्तार, फरार शूटर्स के ठिकानों का जल्द मिल सकता क्लू
लखनऊ. प्रयागराज के उमेशपाल हत्याकांड का अब नेपाल कनेक्शन भी सामने आ गया है। उत्तरप्रदेश की एसटीएफ ने शूटरों के पनाहगार कय्यूम अंसारी को नेपाल से हिरासत में लिया गया है। प्रयागराज निवासी व्यापारी कय्यूम अंसारी पर आरोप लगाया है कि उसने नेपाल में शूटरों को शरण दी और गाड़ी भी उपलब्ध करायी है। पुलिस ने कय्यूम अंसारी से पूछताछ करना शुरू कर दिया है।
क्य्यूम अंसारी ने बताया है कि जिसमें 5 शूटरों के ठिकानों का खुलासा हो सकता है। 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद 5 शूटरों को बहराइच के रास्ते नेपाल भाग गये ।उमेश पाल हत्याकांड को 21 दिन हो गये और पुलिस शूटरों को नहीं पकड़ पायी है। एसटीएफ की 28 टीम इस समय 12 राज्यों और 3 देशों में ऑपरेशन चला रही है। इस मामले में अभी तक एक गिरफ्तारी हुई है। जबकि पुलिस ने 2 लोगों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। इस दौरान उमेशपाल हत्याकाण्ड का एक वीडियो सामने आया है। इससे साफ हो जाता है कि हत्यार फुलप्रुफ प्लान के साथ आये थे। ठानकर आये थे कि उमेश पाल को बेहरमी से हत्या कर देना है। दहशत फैलाने के लिये दिन दहाड़े घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर रहे हैं अपराध
लेकिन इसके आगे की भी प्लानिंग पहले ही हो चुकी थी। हत्या के बाद कौन कहां रूकेगा? कौन किस रूट से कहां फरार होगा यह पहले से तय था। जानिये कैसे अपराधी यूपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में सफल रहे। प्रयागराज में उमेशपाल को गोलियों से छलनी करने के बाद पूरा गैंग रायबरेली से हाते हुए सुल्तानपुर पहुंचे। सुल्तानपुर से अयोध्या बॉर्डर से हाते हुंए बहराइच पहुंचा। बहराइच के रास्ते अपराधी नेपाल में दाखिल हो गये। पहली रात शूटरों ने नेपाल में बॉर्डर के लगभग एक लोकेशन पर रात गुजारी। इसके बाद शूटर अलग-अलग लोकेशन पर निकल गये। उत्तरप्रदेश पुलिस को शूटरों के नेपाल भागने की पुख्ता जानकारी तक शख्स से मिली है। जो एसटीएफ की टीम के हत्थे चढ़ गया है।
हत्यारों का मददगार गिरफ्तार
उस पनाहगार ने वह सारे सीक्रेट उगल दिये हैं जो पुलिस को हत्यारों तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। प्रयागराज के शूटरों को शरण देने वाले उस शख्स का नाम कय्यूम अंसारी है। कय्यूम प्रयागराज के मऊआईमा इलाके का रहने वाला है और एक पेट्रोल पंप का मैनेजर बताया जाता है। कय्यूम अंसारी यूपी के कई बड़े नेताओं का नजदीकी रहा है।
अंडरवर्ल्ड से भी कय्यूम के रिश्ते बताये जाते हैं। कय्यूम कई आपराधिक घटनाओं में पुलिस के रडार पर रहा है। कई बार पुलिस उससे पूछताछ भी कर चुकी है। कय्यूम का पूरा कच्च चिट्ठा पुलिस के पास मौजूद है। यूपी पुलिस को पूरा विश्वास है कि कय्यूम ने ही असद और मोहम्मद गुलाम के लिये नेपाल में ठिकाना और भागने में लिये गाडि़यों का इंतजाम किया है।
गेंम चेंजर साबित हो सकता है कय्यूम की गिरफ्तारी
कय्यूम ने अपने संपर्को का उपयोग कर आरोपियों की मदद की है। अब तो हिरासत में है और शायद कुछ ऐऐ सुराग दे सकता है जो यूपी पुलिस के लिये गेम चेंजर साबित हो सके। खैर इस हत्याकांड ने अतीक ने उस खौफ को जिन्दा करने की कोशिश की है और धीरे-धीरे जेहन से खत्म हो रहा था। अतीक अभी जेल में है और उसका भाई भी जेल में है।

