आरसी-डीएल पर डिजिटल हस्ताक्षर करेंगे आरटीओ, अब ई-कार्ड होंगे मान्य
ग्वालियर. प्रदेश में वाहन रजिस्ट्रेशन व ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड को लेक मी हायतौका को खत्म करने के लिए अब ई-कार्ड की वैकल्पिक व्यवस्था परिवहन विभाग ने शुरू कर दी है। केरल-राजस्थान जैसे राज्यों की तर्ज पर शुरू हुई स व्यवस्था में जिलों के आरटीओ डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड करेंगे। ई-कार्ड एम परिवहन की तर्ज पर उपलब्ध होगा। परिवहन सेवा सिटीजन पोर्टल पर आवेदक इसका पीडीएफ फार्मेट प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही एमपी ऑनलाइन व सीएससी सेंटर पर भी सुविधा ले सकते है। प्रदेशभर के साथ देश में कहीं भी ई कार्ड को दिखाया जा सकेगा और जांच अधिकारी मान्य भी करेंगे। आवेदक क्यूआर कोड से इसका प्रिंट भी निकाल सकेंगे। दूसरे राज्यों की तरह इस व्यवस्था को स्थाई तौर पर लागू करने की भी तैयारी की जा रही है जिसके लिए बेस्ट मॉडल का चयन होगा। बता दें कि प्रदेश में एक अक्टूबर से वाहन रजिस्ट्रेशन व ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली स्मार्ट चिप कंपनी ने काम बंद कर दिया है।
विवाद के कारण पहले ही आवेदक परेशान थे
कंपनी के भुगतान को लेकर विवाद चला रहा था, जिसका कार्यकाल 2022 में ही पूरा हो गया था। इसके बाद परिवहन विभाग लगातार एक्सटेंशन करा रहा था लेकिन अब बात नहीं बनी और कंपनी ने काम बंद कर दिया। कंपनी के विवाद के कारण पहले ही आवेदक परेशान थे, काम बंद होने से प्रदेशभर के आवेदकों की मुसीबत और बढ़ गई। लेकिन अब इस वैकल्पिक व्यवस्था से लोगों को राहत मिलेगी। विभागीय पोर्टल में समस्त पंजीयन अधिकारियों के स्कैन्ड सिक्गेचर अपलोड किए जाने का प्रविधान है।

