स्मार्ट सिटी के कामों की जांच EOW से जांच कराने की मांग का प्रस्ताव, विपक्ष ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
ग्वालियर. सोमवार की दोपहर नगरनिगम की स्थगित परिषद का स्मार्टसिटी के कामों को लेकर सत्ता और विपक्ष के पार्षदों ने हंगाम कर दिया। पिछले दिनों नगरनिगम की परिषद की बैठक भी स्मार्टसिटी के बन्द स्ट्रीट लाइटों को लेकर परिषद 3 बार बीच में स्थगित की थी। लेकिन परिषद नहीं चल पाने की वजह से 21 अक्टूबर को आयोजित की गयी थी। पार्षदों की मांग पर नगरनिगम परिषद की बैठक में स्ट्रीट लाईट के मामले की जांच ईडी से कराने और निगम के बिजली विभाग में खरीदे गये उपकरण की जांच ईडीह से कराने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। वहीं पूरे मामले में स्मार्ट सिटी के सीईओ नीतू माथुर का कहना है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ग्वालियर स्मार्ट सिटी के कामों को लेकर लगातार सत्ता और विपक्ष के पार्षद भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं। सोमवार को परिषद की बैठक में पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। सभापति मनोज तोमर से कहा है कि स्मार्ट सिटी के काम ठीक से नहीं किये जा रहे हे। स्मार्ट सिटी के कामों में भ्रष्टाचार किया गया है इसकी जांच होनी चाहिये।
स्मार्ट सिटी के कार्यो की जांच ED से करायें
यह कहते हुए सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ है कि स्मार्ट सिटी के सभी कार्यो की जांच ईडी से कराई जायेगी और साथ ही नगरनिगम ने बिजली उपकरण खरीदी मामले में हुए भ्रष्टाचार को लेकर भी ईडी से जांच कराने के प्रस्ताव को पारित कर दिया है।
परिषद में किसने क्या कहा
नगरनिगम परिषद की बैठक में जांच के लिये प्रस्ताव पारित करने पर मनोज तोमर सभापति बोले
‘‘परिषद में जो प्रस्ताव पारित होता है, उसका ठहराव 7 दिन के अंदर नगरनिगम आयुक्त को भेज दिया जाता है। परिषद में जांच के लिये प्रस्ताव पारित हो चुका है और हम तय समय में ठहराव प्रस्ताव को आगे की कार्यवाही के लिये निगमायुक्त को भेज देंगे।’’
नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव बोले
‘‘परिषद में ठहराव प्रस्ताव क्या पारित हुआ है, बिना ठहराव प्रस्ताव को पढ़े अभी कुछ नहीं कह सकते है। जब मेरे पास आयेगा, तो ही जवाब दे सकूंगा।’’
स्मार्ट सिटी सीईओ बोली
मुझे तो अभी इसकी जानकारी ही नहीं है। नगर निगम कमिश्नर स्वयं स्मार्ट सिटी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जो आदेश आयेगा, उसका विधि अनुसार अध्ययन कर आगे कार्यवाही करेंगे।’’-

