सुधामूर्ति द्वारा दान 4 करोड़ राशि से बटेश्वर में बिखरे पड़े अवशेषों से तैयार किया जा रहा है मठ
ग्वालियर. प्रतिहार कालीन समय के बिखरे ऐतिहासिक मंदिरों के अवशेषों को भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) की टीम अवशेषों को तलाश कर शिवमंदिरों को आकर देने में जुटी है। बटेश्वर (मुरैना) में चल रहे कार्य के दौरान अभी तक 8 शिवमंदिर बनकर तैयार हो गये है। अभी 3 मंदिरों का और बनाया जा सकता है। इस तरह से बटेश्वर में 119 मंदिर और एक मठ बनकर तैयार होगा। दूसरे फेज में मंदिरों के निर्माण के लिये एएसआई को इंफोसिस कंपनी के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने 4 करोड़ रूपये की राशि इंफोसिस फाउंडेशन की ओर से दी है। एएसआई इस राशि से एक विष्णु मंदिर और मठ का निर्माण किया जा रहा है।
अवशेषों को जोड़कर मंदिरों को इंजीनियर दे रहे आकार
बटेश्वर मंदिरों का खंडहर है। यहां पहले इंजीनियर पत्थरों को तलाश कर अलग अलग साइज के अनुसार कैटेगरी के रखते हैं। इसके बाद मंदिर में जरूरी पत्थर का साइज देखकर उसे खोजा जाता है। यदि मिल जाये तो ठीक है। अन्यथा कारीगर नये पत्थर को पुराने डिजायन (आकार) बनाकर मंदिर और मठ के निर्माण में लगाते हैं।
शिवमंदिर का ऐसा समूह देशभर में केवल बटेश्वर में ही है। एएसआई ने 6 शिवमंदिरों का निर्माण कर लिया है। ASI के पूर्व डायरेक्टर केके मोहम्मद ने वर्ष 2005 में बटेश्वर में काम शुरू किया था।{बटेश्वर के यह मंदिर 6वीं से 10वीं शताब्ती के प्रतिहार कालीन बताए जाते हैं। -केके मोहम्मद ही 2021 में सुधा मूर्ति को लेकर बटेश्वर आए थे। उन्होंने 4 करोड़ मंदिरों को निर्माण के लिए दी है।

