शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से विदाई, अनडॉकिंग से पहले -भारत सारे जहां से अच्छा

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से ऐतिहासिक सफर पूरा करने के बाद अंतरिक्ष से बिदाई ले रहे थे। यह खास पल एक विदाई समारोह के रूप में आज शाम 7.25 बजे (भारतीय समयानुसार) आयोजित किया गया। यह समारोह लाइव प्रसारित किया गया। जिसे दुनियाभर में लाखों लोगों ने देखा है। फेयरवेल प्रोग्राम में एएक्स-4 मिशन की टीम और नासा की एक्सपेडीशन 73 टीम के सदस्य भी शामिल रहे। आपको बता दें कि शुभांशु शुक्ला आईएसएस पर पहुंचने वाले पहले भारतीय है। फेयरवेल समारोह में शुभांशु शुक्ला ने भारत के लिये मैसेज देते हुए कहा हहै कि सारे जहां से अच्छा।
आपको बता दें कि 25 जून 2025 को नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन यान के माध्यम शुभांशु शुक्ला और उनके साथी एएक्स-4 मिशन पर रवाना हुए थें इस मिशन में अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन कमाण्डर के रूप में थी। जबकि अन्य सदस्य पोलैंड के सावोस्ज उजानान्स्की और हंगरी के तिबोर कपू थे। इन चारों ने कुल 250 से ज्यादा बार पृथ्वी की परिक्रमा की और 6 मिलियन मील से अधिक की दूरी तय की है। 17 दिन की इस यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यान के दल ने 60 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग किये। जिनमें माइक्रोएल्गी पर रिसर्च और नयी सेंट्रीफ्यूगेशन तकनीकी शामिल है।
15 जुलाई को धरती पर लौटेंगे
फेयरवेल सेरेमनी के बाद 14 जुलाई को दोपहर 2.25 बजे (आईएसटी) क्रू स्पेसएक्स के ड्रैगन एयरक्राफ्ट में सवार होगा और जरूरी प्री-फ्लाइट जांच पूरी करने के बाद शाम 4.34 बजे आइ्रएसएस से अलग हो जायेगा। उनका पृथ्वी पर लौटना 15 जुलाई की दोपहर लगभग 3 बजे कैलिफोर्निया के िटपर स्प्लैशडाउन के साथ होगा। इसरो के अनुसार पुथ्वी पर लौटने के बाद शुभांशु शुक्ला को 7 दिन के रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम से गुजरना होगा। ताकि यह पृथ्वी की गुरूत्वाकर्षण स्थिति में सहज हो सके।

