शनि अमावस्या पर लगा शनि मेला, पूरे देशभर से मनोकामना लेकर आते हैं श्रद्धालु
ग्वालियर. मुरैना के ऐंती पर्वत स्थित शनि मंदिर पर शनिचरी अमाव्या का मेला आयोजित किया गया। इस मेले में दर्शनार्थियों की भीड़ शुक्रवार की शाम से ही लगन लगी और रात 12 बजे जैसे ही शनिवार शुरू हुआ तभी से मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिये खोल दिये। इस मेले में भगवान शनि का तेलभिषेक करने के लिये देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे। पिछले मेलों की तुलना में इस बार भीड़ बहुत कम थी।
ऐसी मान्यता है
मुरैना जिले के रिठौरा क्षेत्र में ऐंती गांव के पास स्थित शनिश्चरा पर्वत पर ़त्रेतायुगीन शनि मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि त्रेता युग में जब हनुमान जी ने लंका को जलाया था लेकिन वह जली नहीं थी खोज करने में उन्हें ज्ञात हुआ कि भगवान शनिदेव वहां रावण के बंधक है। तब हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराकर फेंका । हनुमान जी ने फेंका भगवान शनिदेव मुरैना जिले स्थित शनिपवर्त पर आ गिरे।
अपनी मनोकामना लेकर आते है
गौरतलब है कि हर शनिश्चरी अमावस्या को ऐंती पवर्त स्थित शनि मंदिर पर मेला लगता है। इस मेले में शनि दशा और अन्य बीमारियों से ग्रसित लोग अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। मेले में दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के अलावा कई प्रांतों से लोग दर्शन के लिये आये। शुक्रवार-शनिवार की रात से मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिये खोल दिया गया। विशेष पूजा-पाठ करने वाले श्रद्धालुओं ने रात में ही हवन-पूजन किया। कई लोग मुंण्डन कराकर बालों का त्याग करते हैं तो कई पुराने कपड़ों व जूते -चप्पलों का त्याग करके नई पोशाक में भगवान के दर्शनों को पहुंचे। मंदिर परिसर में पुराने पकड़े व जूते-चप्पलों के जगह-जगह ढेर हो गये। जिन्कें नगर निगम के ट्रकों में भकर टंचिग ग्राउण्ड पर फिकवाया जा रहा था। सुरक्षा व्यवस्था के लिये चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। कलेक्टर बी कार्तिकेयन, एसपी शुक्रवार से ही मेले में डेरा जमाये हुए हैं। कलेक्टर-एसपी मंदिर ने परिसर में ही बने रेस्ट हाउस में रात बिताई।

