लोकसभा में ओवैसी ने वक्फ संशोधन बिल फाड़ा, इसका मकसद मुसलमानों को जलील करना
नई दिल्ली. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पेश किया। किरन रिजिलू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट) इफिशिएंसी एंड डवलपमेंट) नाम दिया है। बिल को केन्द्र की सरकार में शामिल टीडीपी, जेडीयू और एलजेपी ने समर्थन दिया। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब दे रहे है। उनके भाषण के बाद वोटिंग होगी। चचा्र के दौरान एआईएमआईएम के सांसद असदुदीन ओवैसी ने कहा है कि इस बिल का मकसद मुसलमानों को जालील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है। शाह ने कहा- एक सदस्य ने कह दिया कि यह बिल माइनॉरिटीज स्वीकार नहीं करेगी। क्या धमकी दे रहे हो भाई। संसद का कानून है, स्वीकार करना पड़ेगा।
बिल पर चर्चा में रिजिजू ने 58 मिनट अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने 5 मार्च 2014 को 123 प्राइम प्रॉपर्टी को दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दीं। ऐसा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अल्पसंख्यक वोटों के लिए किया गया, पर चुनाव हार गए। रिजिजू ने कहा- अगर हमने आज यह संशोधन बिल पेश नहीं किया होता, तो जिस इमारत में हम बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में नहीं आती तो कई अन्य संपत्तियां भी गैर-अधिसूचित हो गई होतीं। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- वक्फ के खौफ से भारत के लोग आजादी चाहते हैं।

