रामनवमी-अभिषेक, श्रृंगार और रामलला का जन्म, 56 भोग, रामनवमी पर दुनिया देखेगी अयोध्या में सूर्य तिलक
अयोध्या. आज रामनवमी का त्यौहार है। अयोध्या में जश्न की तैयारियां दिव्य और भव्य है। प्रभुश्री राम के जन्मोत्सव के उल्लास में रामनगरी डूबी है। राममंदिर की भव्यता अलग ही लग रही है। सुबह 9.30 बजे से जन्मोत्सव के कार्यक्रम शुरू हो जायेंगे। सबसे पहले रामलला का अभिषेक किया जायेगा।
राममंदिर में यह द्वितीय जन्मोत्सव है। सुबह 10.30 बजे से एक घंटे तक भगवान राम श्रृंगार होगा और उसके बाद प्रसाद लगाया जायेगा। दोपहर 12 बजे रामलला का जन्म होगा। मंदिर में पूजन-अर्चना-आरती और सूर्यतिलक होगा। शनिवार को सूर्य तिलक का ट्रायल कराया गया। जन्मोत्सव का सीधा प्रसारण भी होगा। अयोध्या के सभी प्रवेश द्वारों से लेकर राममंदिर सहित पूरे राम जन्मभूमि परिसर का दृश्य आलौकिक प्रतीत हो रहा है। दोपहर 12 रघुकुल में रामलला का जन्ूम होते ही उल्लास अपने चरम पर होगा।
12 बजे होगा जन्मोत्सव
रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि आज प्रातःकाल भगवान राम का अभिषेक किया जायेगा। सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे तक भगवान का श्रृंगार होगा। उसके बाद प्रसाद लगेगा। तब तक दोपहर 12 बज जायेंगे। चैत्र शुक्ल की नवमी पर दोपहर 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनाया जायेगा। पहले जन्म की आरती होगी। भगवान को 56 प्रकार के भोग लगाये जायेंगे। इससे भी एक श्रेष्ठ काम यह होगा कि राम सूर्यवंशी अर्थात भगवान राम ने सूर्यवंश में जन्म लिया। भुवन भास्कर सूर्य दोपहर 12 बजे जब राम का जन्म होगा। तब रामलला के ललाट पर अपनी किरणोें से तिलक लगायेंगे। इसे सूर्य तिलक कहते है। यह प्रयोग पिछले साल किया गया था और सफल रहा था।

