तुर्की-चीन से हथियार मंगा रहा पाकिस्तान, भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है पाकिस्तान

नई दिल्ली. पाकिस्तान में 18-20 अगस्त के बीच कई चीनी और तुर्की सैन्य कार्गो विमानों की आवाजाही देखी गयी है। चीनी वाई-20 सैन्य परिवहन विमान नूर खान और मसरूर एयरबेस पर उतरे। उसी वक्त तुर्की का एयरबेस ए400एम इस्तांबुल से मुरीद एयरबेस पहुंचा हे। तुर्की के सी-130 हरक्यूलिस विमान भी नूर खान और मसरूर पर देखे गये है। इन उड़ानों को जोड़कर इस वक्त सोशल मीडिया और इंटरनेट पर एक एनालिसिस पेश किया जा रहा है। जिसमें कहा गया है कि यह गतिविधियां चुपचाप चल रही है। तैयारियों यानी सीक्रेट मिशन का हिस्सा हो सकती है।

तुर्की से भेजने का दावा
तुर्की ने अपग्रेडेड बेरक्तार टीबी2 ड्रोन और बेकर यीहा-3 लॉयटरिंग म्यूनिशन की बड़ी खेप भेजी है। इन्हें आमतौर पर बहावलपुर और रावलपिंडी के पास सुविधाओं में रखा जाता है। नया टीबी2टी -एआई वर्जन एआई क्षमताओं वाले 3 नये ऑनबोर्ड कम्यूटरों से लैस बताया गया है। यह 1 हजार किमी तक लक्ष्य का पता लगाने, पहचानने और एनालिसिस करने में सक्षम है।इसमें 250 किलोग्राम पेलोड और 27 घंटे की उड़ान क्षमता है।
ब्रॉडबैंड सैटकॉम इंटीग्रेशन से यह लाइन-ऑफ-साइट सीमाओं से परे भी काम कर सकता है। यीहा-अपग्रेडेड वर्जन 6 किग्रा तक वॉरहेड ले जा सकता है। इसकी रेंज 200 किमी से ज्यादा और ंएंडयोरेंस एक घंटे की है। इसे पिकअप ट्रक से स्प्रिंट लांच किया जा सकता है। इसमें इलेक्ट्रो ऑप्टिकल सिस्टम और एआई सहायता वाली गाइडेंस है।
सैटेलाइटस और गहरे लक्ष्य का दावा
30 मई 2024 को पाकिस्तान ने चीन के शिवांग सैटेलाइट सेंटर से पाक सैट-एमएम1 लांच किया था। जोकि सितम्बर 2024 में पूरी तरह चालू हो गया है। यह करीब 38.786 किमी ऊंचाई पर 38.2 डिग्री ईस्ट ऑर्बिट में है।

