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इन्दौर. मालवा एक्सप्रेस के पहियों के ब्रेक चिपक गये। चिंगारी के साथ धुआं निकलने लगा है यह देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गयी। हालांकि समय रहते धुएं को काबू कर लिया गयगा। रेल एक्सपर्ट ने बताया है कि ट्रेन मूल स्पीड़ पर दोड़ रही तो होती को डिब्बे पलट जाते हैं।
मालवा एक्सप्रेम महू-इन्दौर से वैष्णोदेवी-कटरा के लिये जाती है। रेल अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन महू से इंदौर तक 21 किमी की दूरी धीरे-धीरे तय करती है। इस बीच राजेन्द्र नगर के पास ट्रेन के वहिष्े चिपक गये। इसी तरह 20 दिन पहले भी सीहोर में ऐसी घटना हुई थी।
तेज आवाज के साथ निकली चिन्गारी
पहिये और पटरी के बीच घर्षण होने यात्रियों की ओर देखा तो एसी कोच के पहियों से निकली चिंगारी निकली थी। थोड़ी देर में धुआं निकलने लगा। यात्रियों ने ट्रेन मैनेजमेंट को सूचना दी। राऊ के पास ट्रेन को रोका गया। यार्ड से एक्सपर्ट इंजीनियर पहुंचे और फायर एस्टिग्विशर से पहियों पर गैस डाली। ट्रेन कुछ देर राजेन्द्र नगर यार्ड में खडी रही और इसके बाद ट्रेन को धीरे-धीरे इन्दौर स्टेशन पर लाया गया। लगभग 40 मिनट तक रिपेयरिंग के बाद ट्रेन को रवाना किया। मालवा एक्सप्रेस 26 सितम्बर की शाम 5.30 बजे अपनी गंतव्य वैष्णोदवी स्टेशन कटरा पहुंचेगी।
सुबह 11.53 बजे निकली थी महू से
मालवा एक्सप्रेस बुधवार को सुबह 11.53 बजे महू से इंदौर के लिए निकली थी। 12.05 बजे इंदौर स्टेशन पहुंचना था, लेकिन ट्रेन 22 मिनट लेट होकर 12.27 बजे पहुंची। इंदौर स्टेशन पर ट्रेन का स्टॉपेज 12.15 तक यानी 10 मिनट का ही है। अफसरों ने हादसे के बाद 25 मिनट तक ट्रेन को रोके रखा। ट्रेन 12.54 बजे यानी 40 मिनट लेट इंदौर से आगे के लिए रवाना हुई।
भोपाल, उज्जैन भी जाती है मालवा एक्सप्रेस
मालवा एक्सप्रेस आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश को कवर करते हुए गुजरती है। इनमें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर के अलावा देवास, सीहोर, विदिशा, दतिया, मुरैना से गुजरती है। ट्रेन मध्य प्रदेश में करीब 700 किलोमीटर का सफर तय करती है।