मार्स के बैनर तले किया गया पंचांग पूजन का आयोजन
ग्वालियर। आज विक्रम संवत 2080 की शुरुआत के मौके पर ज्योतिषियों की संस्था मार्स के बैनर तले पंचांग पूजन का आयोजन किया गया। इस मौके पर अतिथियों ने पंचांग की बारीकियों की जानकारी देते हुए बताया पंचांग का मतलब पांच अंग। पंचांग के भी 5 अंग होते हैं, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इनसे मिलकर ही पंचांग बना है। कहते हैं पंचांग के पठन श्रवण से भी लाभ मिलता है। वेदों और अन्य ग्रंथों में सूर्य चन्द्र पृथ्वी और नक्षत्र सभी की स्थिति व दूरी गति का वर्णन किया गया है। स्थिति दूरी और गति के मान से पृथ्वी पर होने वाले दिन रात और अन्य संधिकाल को विभाजित कर एक पूर्ण सटीक पंचांग बनता है।
आयोजन हर साल की भांति इस वर्ष भी गंगादास की बड़ी शाला पड़ाव में हुआ। इस मौके पर पंचांग पूजन के साथ निशुल्क ज्योतिष परामर्श शिविर दोपहर 1 बजे से किया गया एवं विचारों का आदान प्रदान किया गया। पंचांग पूजन में गंगा दास की शाला के महंत श्री रामसेवक दास जी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया, इस दौरान सर्वप्रथम पंचांग पूजन मंत्रोच्चारण के साथ किया गया, तत्पश्चात मार्स संस्थाओ के संस्थापक श्री रमेश वायगावकर जी ने पंचांग के बिभिन्न पक्षों पर, मुहूर्त, तिथि, एवं देश के विभिन्न भागों में मुहूर्त विविधता एवं पर प्रकाश डाला, अध्यक्ष सुनील शर्मा ने पंचांग का जीवन में विशिष्ट महत्व पर परिचय दिया, महासचिव श्रीमती नीरा विश्वकर्मा द्वारा पंचांग का सही प्रयोग करने पर जीवन में होने वाले सभी विषय पर जानकारी दी गयी ।
आदरणीय महंत रामसेवक दास द्वारा वहां उपस्थित सभी ज्योतिषाचार्यों को नवीन पंचांग भेट कर अनुग्रहित किया गया, साथ ही निशुल्क ज्योतिषीय परामर्श का उपस्थित जन सामान्य भरपूर लाभ लिया कार्यक्रम में शहर के विशिष्ट ज्योतिष विद्वान सम्मिलित हुए।

