पूरे देश में अस्पताल में इलाज के लिए शुल्क तय हो, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा
इंदौर. सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्देश में देश भर के अस्पताल में इलाज के शुल्क को तय करने की बात कही है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को अगले 6 सप्ताह के भीतर मरीजों द्वारा भुगतान किए जाने वाले अस्पताल उपचार शुल्क को शीघ्रता से तय करने का निर्देश दिया। वर्तमान में अलग-अलग अस्पताल इलाज के लिए अलग-अलग दरें वसूलते है जिससे देश में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रणाली को लागू करना मुश्किल हो जाता है।
एक एनजीओ द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने यह बात कही। इसमें कहा गया है कि हम भारत संघ के स्वास्थ्य विभाग के सचिव को निर्देश देते हैं कि वे राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों में अपने समकक्षों के साथ बैठक करें और सुनवाई की अगली तारीख अलग 6 सप्ताह में एक ठोस् प्रस्ताव लेकर आएं। मालूम हो कि वर्तमान में देश में 40000 से अधिक पंजीकृत अस्पताल है जो अब नई प्रणाली में 30 करोड से अधिक की संख्या वाले सभी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारकों को कैशलेस सुविधाएं प्रदान कर सकते है।

