पाँच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन में किसानों व छात्राओं को सिखाईं मधुमक्खी पालन की बारीकियाँ
200 मधुमक्खी बॉक्स भी वितरित किए गए
ग्वालियर – सीएसआईआर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ और एफपीओ फार्मर प्रोड्यूसर संघ, एनआरएलएम के तत्वावधान मैं सीएसआईआर- फ्लोरीकल्चर मिशन चरण-2 के तहत जिले के विद्यांचल कृषि समृद्धि केंद्र ग्राम उदयपुर में मधुमक्खी पालन पर आयोजित हुए 4 दिवसीय कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ । इस कार्यक्रम के माध्यम से 35 से अधिक लाभार्थियों तथा केआरजी कॉलेज की 20 छात्राओं ने मधुमक्खी पालन की बारीकियाँ सीखीं। कार्यक्रम के अंत में सभी लाभार्थियों को कुल 200 मधुमक्खी बॉक्स, मधुमक्खी पालन से संबंधित टूल किट, प्रशिक्षण मान पत्र निःशुल्क वितरित किए। समापन कार्यक्रम में कुलपति डॉ. अविनाश तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर के मुख्य वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र सिंह कुशवाह, कृषि विज्ञान केन्द्र मुरैना के वैज्ञानिक डॉ. अशोक यादव एवं डॉ स्वाति सिंह तोमर ने मधुमक्खी पालन से संबंधित विशेष जानकारी विभिन्न दिवसों मे साझा की।
मधुमक्खी पालन ग्वालियर में एक नया उद्धम इस्थापित करने की पहल है। ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक विनीत गुप्ता ने बताया कि महिलाएं सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर स्वावलंबी बन सकती हैं। शहद के अतिरिक्त बाइप्रोडक्ट प्रोडक्ट है मधुमक्खी का जहर सोने के बराबर कीमती है। मधुमक्खी का जहर लगभग 60 से 70 हजार रुपए तोले के हिसाब से बिकता है। इसका उपयोग गठिया के इलाज सहित कई बीमारियों में होता है।
किसानों को यह भी बताया गया कि मधुमक्खी से ना केवल मधु ही प्राप्त होता है अपितु उसके अतिरिक्त मधुमक्खी से और भी उत्पाद जैसे प्रोपोलिस, बी वैक्स, बी विष और पराग प्राप्त होते हैं जो किसानों की आय में अतिरिक्त वृद्धि का स्रोत हैं|
सी एस आई आर – फ्लोरीकल्चर मिशन के तहत डायरेक्टर एन बीआर आई लखनऊ डॉक्टर अजीत के सासनी के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सीएसआईआर-एनबीआरआई लखनऊ की टीम ने भी लाभार्थियों को सीएसआईआर के विज़न एवं मिशन से संबंधित जानकारियां साझा कर इसकी शुरुआत की । यह भी बताया गया कि काउंसिल आफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ने राष्ट्रव्यापी फ्लोरीकल्चर मिशन लॉन्च किया है जिसमें राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ समन्वय संगठन हैं। मिशन में कई गतिविधियां शामिल हैं जैसे नई फूलों की किस्म का विकास, फूलों की खेती का विस्तार, मधुमक्खी पालन इत्यादि।
एपिकल्चर इंटीग्रेटेड फ्लोरीकल्चर के तहत चयनित राज्यों में प्रतिवर्ष 200 मधुमक्खी बॉक्स वितरित करने का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश में 200 मधुमक्खी बॉक्स 13 सितंबर को वितरित किया गया।

