नृत्य महोत्सव-3 का ‘चतुरंग की चौपाल‘ समूह नृत्य के साथ हुआ आगाज
ग्वालियर, ‘भारतीय ज्ञान परम्परा अध्ययन पीठ के अंतर्गत‘ आईटीएम नृत्य महोत्सव-3 का आगाज ‘चतुरंग की चौपाल‘ समूह नृत्य की प्रस्तुति के साथ शमा भाटे एवं मंडली नाद रूप पुणे द्वारा किया गया। भारतीय शास्त्रीय तराना, सरगम, तराना, साहित्य और नृत्य बोल में रंगी-रची इस शास्त्रीय समूह नृत्य की प्रस्तुति ने कलाप्रेमी और रसिकजन को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के फाउंडर चांसलर रमाशंकर सिंह, चांसलर रूचि सिंह, डॉ. दौलत सिंह चौहान, वाइस चांसलर प्रोफेसर योगेश उपाध्याय, रजिस्ट्रार डॉ. ओमवीर सिंह सहित छात्र-छात्राएं और ग्वालियर शहर से कलाप्रेमी और रसिकजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।
नाद एम्फीथिएटर में सजी चतुरंग की चौपाल, राग यमन, जयजयवंती, अड़ाना और राग भैरवी से दमका परिसर
आईटीएम यूनिवर्स ग्वालियर में आयोजित नृत्य महोत्सव-3 के अवसर पर संस्थान का नाद एम्फीथिएटर ‘चतुरंग की चौपाल‘ के रूप सजा और राग यमन, राग जयजयवंती, राग अड़ाना और राग भैरवी के साथ कलाकारों द्वारा नृत्य की अनुपम प्रस्तुति देकर पूरे परिसर को दमका दिया।
चार चतुरंगों में स्पर्धा के साथ दिखी एकता की झलक
आईटीएम नृत्य महोत्सव-3 में भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की विविधता और समृद्धि को समर्पित ‘चतुरंग की चौपाल‘ की रचना प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और कोरियोग्राफर गुरु शमा भाटे द्वारा की गई। इस रचना में चार रागों यमन, जयजयवंती, अड़ाना और भैरवी के चार भिन्न चतुरंग प्रस्तुत किए किए। प्रत्येक चतुरंग अपनी अलग भाव-भंगिमा, लयात्मकता और सौंदर्य से भरपूर है। ‘चतुरंग की चौपाल’ नाम की तरह ही यह प्रस्तुति एक कल्पनात्मक चौपाल को जीवंत करती है, जहां चारों चतुरंग आपस में संवाद करते हैं, प्रतिस्पर्धा करते हैं और एक-दूसरे को चुनौती देते हैं। अंत में एकता की भावना में समाहित हो जाते हैं।

