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तीन दिवसीय ध्रुपद समारोह का शुभारंभ -ध्रुपद का राष्ट्रीय समारोह प्रतिवर्ष ग्वालियर में होगा आयोजित –नरेन्द्र सिंह तोमर

ग्वालियर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि राष्ट्रीय ध्रुपद समारोह अब ग्वालियर में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विख्यात संगीतज्ञ बैजू बाबरा की याद में भी ग्वालियर में आयोजन होगा। केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने यह बात शनिवार को ग्वालियर के महाराज बाडा स्थित टाउन हॉल में दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 3 दिवसीय ध्रुपद समारोह 2021 के शुभारंभ अवसर पर कही। यह कार्यक्रम 13 से 15 नवम्बर तक प्रतिदिन सायंकाल 6 बजे से टाउन हॉल में आयोजित होगा।


राष्ट्रीय ध्रुपद महोत्सव समारोह की अध्यक्षता प्रदेश की संस्कृति, धर्म एवं अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति प्रो. पं. साहित्य कुमार नाहर, भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी सहित वरिष्ठ ध्रुपद गायक पद्मश्री उस्ताद वासिफ उद्दीन डागर उपस्थित थे।


केन्द्रीय मंत्री ने कहा है कि संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर की पहचान न केवल देश में बल्कि विश्वभर में है। तानसेन की जन्मस्थली होने के साथ-साथ ग्वालियर में अनेक ख्यातिनाम संगीतकार हुए हैं। यह धरा बैजू बाबरा की साधना स्थली भी है। ग्वालियर में ध्रुपद का राष्ट्रीय समारोह प्रतिवर्ष आयोजित होगा। इसके लिये उन्होंने राज्य शासन के संस्कृति विभाग की ओर से प्रस्ताव केन्द्र को भेजने का आग्रह किया। केन्द्र सरकार के माध्यम से इसकी स्वीकृति भी होगी और प्रतिवर्ष ग्वालियर में ध्रुपद का राष्ट्रीय महोत्सव आयोजित होगा।
हमारे यह भी प्रयास हैं कि बैजू बाबरा की याद में भी प्रतिवर्ष ग्वालियर में संस्कृति विभाग के माध्यम से आयोजन किए जाएं। ग्वालियर में संगीत के वर्ष भर इतने आयोजन होना चाहिए कि ग्वालियर के रसिक श्रोता संगीत की सुगंध और आनंद लेते रहें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश की संस्कृति, धर्म एवं अध्यात्म मंत्री ने कहा कि भारतीय शैली की ध्रुपद को पुनर्जीवित करने का जो कार्य केन्द्रीय मंत्री के प्रयासों से किया जा रहा है वह अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है। ग्वालियर में प्रतिवर्ष ध्रुपद का राष्ट्रीय समारोह आयोजित होगा, इसके लिये प्रदेश सरकार सार्थक पहल करेगी। संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर की एक अलग पहचान है। इस पहचान को चिर स्थायी बनाए रखने की दिशा में सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती एवं राजा मानसिंह तोमर के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया।

कार्यक्रम में इनकी हुई प्रस्तुति

ध्रुपद समारोह में शनिवार की शाम ध्रुपद केन्द्र ग्वालियर के गायन के साथ समारोह की प्रस्तुतियों की शुरूआत हुई। इसी क्रम में सुश्री यखलेश बघेल का ध्रुपद गायन हुआ। इसी कड़ी में इंदौर की श्रीमती चित्रांगदा आंगले का पखावज वादन और पद्मश्री उस्ताद वासिफउद्दीन डागर नईदिल्ली का ध्रुपद गायन भी हुआ।

14 व 15 नवम्बर को इनकी होगी प्रस्तुति

ध्रुपद समारोह में 14 नवम्बर को सायंकाल राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर द्वारा समूह ध्रुपद गायन होगा। इसी क्रम में सुश्री मृणालिनी दास वाराणसी का ध्रुपद गायन, अनुज प्रताप सिंह एवं सुदीप भदौरिया का युगल ध्रुपद गायन, डॉ. अश्विनी दलवी जयपुर का सुरबहार वादन और डॉ. मधु भट्ट तेलंग जयपुर द्वारा ध्रुपद गायन की प्रस्तुति दी जायेगी।
समारोह में 15 नवम्बर को सायंकाल श्री समित मल्लिक दिल्ली का ध्रुपद गायन, अभिजीत सुखदाणे का ध्रुपद गायन, श्रीमती ज्योति हेगडे कर्नाटक का रूद्रवीणा वादन एवं पं. उदय भवालकर पुणे का ध्रुपद गायन होगा।

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