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DRDE नई लैब के एक टुकड़े पर अतिक्रमण हटेगा

ग्वालियर. रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना DRDE  की महाराजपुरा स्थित नई लैब की जमीन के एक टुकड़े पर बार बार अतिक्रमण की समस्या है। इसको लेकर DRDE प्रबंधन ने जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। प्रशासन इस स्थल पर अतिक्रमण करने वाले पर कार्रवाई करेगा। महाराजपुरा में DRDE की लैब का भूमिपूजन भी किया जा चुका है जिसके बाद चहलकदमी बढ़ गई है, लेकिन क्षेत्र काफी बड़ा है इसलिए तैयार होने तक सुरक्षा भी अहम है।

यहां बता दें कि यह देश की दूसरी और रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत पहली प्रयोगशाला होगी, जिसमें खतरनाक सूक्ष्मजीवों पर अनुसंधान कार्य संभव होगा और भविष्य में होने वाली आपदाओं का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। वर्ष 2026 तक यह प्रयोगशाला बनकर तैयार हो जाएगी और इसमें अनुसंधान कार्य आरंभ हो जाएंगे। वर्तमान में देश में इकलौती लैब पुणे में है। वर्तमान में DRDE की लैब सिटी सेंटर में स्थित है जिसके 200 मीटर के दायरे में निर्माण प्रतिबंधित था। रक्षा मंत्रालय के इसी नियम के आधार पर यहां दस हजार करोड़ की संपत्तियां खतरे में आ गईं थीं। मामला हाई कोर्ट में पहुंचा तो अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद माननीयों ने लैब शिफ्टिंग को लेकर पत्र लिखकर अनुरोध किए। हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई और सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे कर दिया। इसके बाद शासन स्तर पर DRDE की नई लैब के लिए महाराजपुरा में जमीन आवंटित हुई।

समस्या को तत्काल दूर किया जाएगा

DRDE की महाराजपुरा स्थित नई लैब के काम में अतिक्रमण या समस्या को तत्काल दूर किया जाएगा। पूर्व में सीमांकन भी ज्वाइंट रूप से किया जा चुका है। जल्द टीम यह कर लेगी।

अशोक चौहान, एसडीएम,मुरार

 

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