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चंबल में 100 बीघा जमीन पर 30 से सनातन धर्म महासम्मेलन, पूरा गांव बना मेजबान, बागेश्वर धाम को आमंत्रित किया

ग्वालियर. चंबल में सनातन धर्म के महासम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं। ये महासम्मेलन अन्य सामान्य आयोजनों से अलग है। इसकी भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 100 बीघा जमीन पर सम्मेलन का आयोजन स्थल तय किया गया है। इसके लिए समूचा गांव ही अभी से मेजबान की भूमिका में आ चुका है। मेहमानों के ठहरने का घर-घर इंतजाम है। हर घर के बाहर तखत और खटिया रखे हैं। वो भी गद्दे और बेडशीट के साथ। इस आयोजन में चार संप्रदाय के शंकराचार्य, रामकथा वाचक कनकेश्वरी देवी और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों का दावा है कि उनकी मंजूरी भी मिल गई है। इस आयोजन में करीब डेढ़ से दो लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। प्रशासन भी इसी को ध्यान में रखकर तैयारी में जुटा है।

अनोखे महासम्मेलन के गांव खनेता में
भिंड जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर बसा है खनेता गांव। गोहद तहसील में आने वाले इस गांव की आबादी करीब ढाई हजार है। इस गांव में पहुंचे तो यहां का माहौल ऐसा दिखा मानो कोई बारात आने वाली हो। चारों तरफ एक आपाधापी दिखी। इस जल्दबाजी के पीछे की वजह यहां के लोगों ने 30 जनवरी से होने वाले सनातन धर्म महासम्मेलन को बताया। सम्मेलन में अब तीन दिन बाकी हैं। गांव के जसराम ने बताया- यहां श्री रघुनाथ मंदिर है। हम भगवान को ठाकुरजी कहते हैं। ठाकुरजी के एक पुजारी थे, संत विजय रामधामजी। इस बरस उनकी 25वीं पुण्यतिथि है। यूं तो यहां हर साल यहां धार्मिक सम्मेलन होते रहे हैं, लेकिन इस साल बड़े पैमाने पर इसकी रूपरेखा बनाई गई है। एक लोडिंग गाड़ी पर तखत दिखाई दिए। व्यापारी नरेश सिंह से बातचीत करने पर पता चला खनेता गांव में 1 माह से वे तखत बेच रहे हैं। करीब दो हजार रुपए का एक तखत हैं। अब तक वे करीब 700 तखत बेच चुके हैं। यानी 14 लाख का। वो भी सिर्फ इसी गांव में। खटिया व्यापारी रामसेवक गौड़ भी मिले। उन्होंने बताया कि एक हजार से ज्यादा खटिया एक महीने में इस गांव में बेची है। गांव में एक हजार से ज्यादा रजाई और गद्दे भी बिके हैं। दरअसल, ये सारा सामान उन मेहमानों की अगवानी के लिए खरीदा जा रहा है जो सम्मेलन के दौरान ही गांव में ठहर सकते हैं। उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। यहां हर घर के बाहर अभी से दो-चार तखत और खटिया बिछा दिए गए हैं। यहां के हर घर की यही तस्वीर है। ऐसा लगता है जैसा पूरा गांव ही मेजबान हो। आमतौर पर यहां छोटी बात पर भी बड़ा बवाल खड़ा हो जाता है लेकिन सम्मेलन को लेकर गजब का सामंजस्य दिखता है।

युवा कर रहे गांव की सफाई
गांव की बुजुर्ग महिला श्रीकुमार बघेल कहती हैं कि हमारा जीवन तर गया जो हमें महाराज जी की कृपा से महान संतों के दर्शन यही हो रहे हैं। जिसके लिए भी अभी से अपने घर के बाहर लीपापोती में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मैं लगी हूं। महेश प्रसाद उपाध्याय और रमेश उपाध्याय बताते हैं कि गांव में हजारों की संख्या में लोगों ने अपने निजी खर्च पर स्वेच्छा से आयोजन में सहभागिता दी है। गांव के युवा नालियों की सफाई कर रहे हैं।

प्रशासन बनवा रहा हेलीपैड
प्रशासन की ओर से यहां अस्थाई अस्पताल, पानी की टंकी, सड़क के चौड़ीकरण और बिजली व्यवस्था का काम किया जा रहा है। साथ ही हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं। उम्मीद है संतों के अलावा सम्मेलन के दौरान प्रदेश की बड़ी राजनीतिक हस्तियां भी यहां आ सकती हैं।

आयोजन में ये है खास
मंदिर प्रबंधन ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुंभ की तर्ज पर टीन के 100 से अधिक कमरे तैयार कराए हैं।
7 सेक्टर बनाए गए हैं। हर सेक्टर में 100 से 200 सेवक मौजूद रहेंगे।
9 मंजिला विशाल 108 कुंडीय हवन यज्ञ शाला का निर्माण राजस्थान के कुशल कारीगरों से कराया गया है।
रोजाना एक लाख श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की गई है।
पूरा कार्यक्रम 100 बीघा से अधिक जमीन में कराया जा रहा है।
गोहद एसडीएम शुभम शर्मा ने बताया भीड़ को देखते हुए अलग-अलग जगहों पर पार्किंग प्लान कर रहे हैं।
आयोजन से एक दिन पहले 2000 कलश के साथ यात्रा निकाली जाएगी।

700 साल पुराना है मंदिर
मंदिर करीब 700 वर्ष पुराना बताया जाता है। इस मंदिर के महंत संत विजय रामदास जी महाराज प्रकांड विद्वान संत थे। धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज, विनोबाजी जैसे महान संत ने मंदिर में रहकर तपस्या की है। मंदिर में विराजे राम-जानकी, लक्ष्मण की दिव्य मूर्ति के चमत्कार के किस्से यहां से शुरू होकर देशभर में फैले हैं। रघुनाथ धाम ठाकुर जी के दर्शन लाभ के लिए दूर दराज से लोग आते हैं। मंदिर का एक विशाल आश्रम वृंदावन धाम में है।
इस मंदिर की कई शाखाएं विभिन्न स्थानों पर हैं। जहां पूजा पाठ नित्य क्रिया के साथ संपन्न कराया जाता है। वर्तमान में मंदिर के महंत 1008 महामंडलेश्वर रामभूषण दासजी महाराज सनातन धर्म भगवत कथा का प्रचार प्रसार कर रहे हैं । संस्कृत विद्यालय के माध्यम से यहां छात्र वैदिक पद्धति से अध्यापन करते हैं।

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