ग्वालियर में हिंदू महासभा ने नाथूराम गोडसे की मूर्ति स्थापित करने की चेतावनी दे दी, अनुमति नहीं दी गई तब भी मूर्ति वहां स्थापित की जाएगी
ग्वालियर. गोडसे को देशभक्त बताकर भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा फंस गई थी, विवाद बढ़ने के बाद उन्हें माफी तक मांग ली थी लेकिन अब मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल के उपचुनाव में महात्मा गांधी के हत्या आरोपी नाथूराम गोडसे की एंट्री हो गयी है। ग्वालियर में हिंदू महासभा ने गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्ति स्थापित करने की चेतावनी दे दी है।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा द्वारा 15 नवंबर को नाथूराम गोडसे के पुण्यतिथि के दिन मूर्ति स्थापित करने की अनुमति स्थानीय प्रशासन से मांगी गई है इसके साथ ही हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने गोरखी स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मांग की कि 2017 में जो मूर्ति हिंदू महासभा ने अपने निजी कार्यालय पर लगाई थी जिसे बाद में प्रशासन ने जप्त कर लिया था वह मूर्ति वापस की जाए।
पुरानी मूर्ति वापस मांगी
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जय वीर भारद्वाज का कहना है कि 2017 में हमने मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया था लेकिन कांग्रेस के विरोध के चलते शिवराज सरकार ने इस मूर्ति को जब्त करा दिया था। वह मूर्ति हमें वापस चाहिए हम हर काम संविधान के हिसाब से करना चाहते है। यही कारण है कि पहले भी अनुमति मांगी गई थी और अब एक बार फिर अनुमति मांगी जा रही है, यदि अनुमति नहीं दी गई तब भी यह मूर्ति वहां स्थापित की जाएगी।

