ग्वालियर में डेंगू को रोकने उठाएं सख्त कदम, कलेक्टर, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग डेंगू को खत्म करने मिलकर काम करे – मंत्री सिलावट
ग्वालियर. ग्वालियर में डेंगू के केस बढ़कर 2300 से अधिक हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर 18 साल से कम के उम्र बच्चे हैं। ऐसे में डेंगू एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। रविवार को समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने डेंगू को लेकर कलेक्टर, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से काम कर उसे जड़ से खत्म करने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि वह डेंगू के केस को किसी भी हालत में नियंत्रित करें साथ ही नगर निगम को फोगिंग मशीन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ-साथ समीक्षा बैठक में सड़क, पानी पर भी विस्तार से चर्चा हुई है।
बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की
मंत्री तुलसीराम सिलावट दो दिवसीय प्रवास पर ग्वालियर पहुंचे हैं। ग्वालियर पहुंचने के बाद उन्होंने कलेक्टोरेट में अफसरों की बैठक ली है। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई है, लेकिन सबसे ज्यादा बात डेंगू के लगातार बढ़ते केसों पर की गई है। जब प्रभारी मंत्री को पता लगा कि जिले में डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं और रविवार तक की स्थिति में यह डेंगू 2300 पॉजिटिव केस से अधिक हो गया है साथ ही डेंगू से पीड़ित होने वालों में 65 फीसदी की उम्र 18 साल या उससे कम है। इस बात को उन्होंने बेहद गंभीरता से लिया है साथ ही बैठक में शामिल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह व अन्य अफसरों से चर्चा की है।
पानी, सड़क को लेकर भी चर्चा
बैठक में प्रभारी मंत्री सिलावट ने शहर की सड़कों से लेकर पानी व्यवसथा और अमृत प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कामों पर भी विस्तार से चर्चा की इसके बाद वह बहोड़ापुर की एक खराब सड़क पर बोले हैं कि आज ही पता लगा है कि उस पर काम धीमी रफ्तार से चल रहा है। निर्देश दिए हैं कि जल्द काम तेजी से पूरा किया जाए।
स्वच्छता को लेकर अफसरों की क्लास ली
प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने स्वच्छता को लेकर अफसरों की क्लास ली है। विशेषकर नगर निगम के अफसरों को इस पर कड़ी फटकार लगाई है। उनका कहना है कि प्रयास होने चाहिए, लेकिन शहर के लोगों को भी जागरूक करने की जरुरत है। स्वच्छता को एक आंदोलन की तरह लेना होगा। जिसमें नगर निगम व अन्य विभाग के अफसरों के साथ-साथ जनता की भागीदारी होना बहुत जरुरी है।

