ग्वालियर में चार मार्ग होंगे जाम मुक्त
ग्वालियर. शहर के यातायात को व्यवस्थित करने की कवायद लंबे समय की जा रही है। जिला प्रशासन और यातायात पुलिस कई प्रयोग कर चुके हैं, लेकिन अपेक्षा अनुरूप अभी तक परिणाम सामने नहीं आए हैं। जाम और अव्यवस्थित यातायात बाजारों की प्रमुख समस्या है। इनसे निजात पाने के लिए अब पहले चरण में चार मुख्य मार्गों को चिह्नित किया गया है, इन्हें 24 घंटे जाम मुक्त रखा जाएगा। संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना व आइजी अनिल शर्मा सहित विभिन्न विभागों की टीम इन मार्गों में पैदल मार्च किया जाएगा। इस दौरान स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण हटाने से लेकर ठेले वालों को हाकर्स जोन में भेजने की कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय दो दिन पूर्व हुई प्रशासन व यातायात पुलिस बैठक में लिया गया था, महाशिवरात्रि के बाद पैदल मार्च की संभावना जताई जा रही है।
जयेंद्रगंज से गस्त का ताजिया: इस मार्ग पर सुबह से रात तक जाम तक स्थिति रहती है। जिला कोर्ट के सामने ठेले वाले और वाहन नो पार्किंग में खड़े होना जाम का प्रमुख कारण हैं। लोहिया बाजार व दाल बाजार से आने वाले लोडिंग व बड़े वाहन जाम का कारण बनते हैं। वहीं पाटनकर बाजार पर लोडिंग वाहनों का अघोषित स्टैंड भी जाम का कारण है। इस स्टैंड को पहले आमखो पर शिफ्ट किया गया था।
महाराज बाड़े से राम मंदिर: इस मार्ग पर सराफा बाजार में दोनों ओर नो पार्किंग में खड़े वाहन और बिना रोक-टोक के गलत दिशा में दौड़ने वाले वाहन यातायात को बाधित करते हैं। दुकानों के सामने सड़क पर अस्थाई बोर्ड रखने के कारण भी सड़क संकरी रह जाती है। ठेले वाले भी इस मार्ग पर खड़े और घूमते नजर आते हैं।
किलागेट से हजीरा: इस मार्ग पर जाम का प्रमुख कारण सीएनजी विक्रम हैं। यह किला गेट पर सवारी लेने की होड़ में पूरा चौराहा जाम कर देते हैं। दोपहिया वाहन तक निकलना मुश्किल हो जाता है।
बारादरी से अग्रसेन चौराह: यह उपनगर मुरार का सबसे व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग पर सवारी वाहन व ठेले यातायात की सबसे बड़ी बाधा हैं। ठेले वालों के लिए हाकर्स जोन भी तैयार है। कई बार ठेले वालों को हाकर्स जोन भेजा जा चुका है, लेकिन मौका मिलते ही ठेले वाले वापस लौट आते हैं।

