केंद्र सरकार ने लिया जोखिम भरा फैसला, राजनीतिक आयोजनों में 100 लोगों की मौजूदगी का बंधन समाप्त
भोपाल. कोरोना संक्रमण के दौर में केंद्र सरकार ने जोखिम भरा फैसला लिया, हालांकि इससे मप्र में 28 विधानसभा में हो रहे उपचुनावों के लिए धुआंधार प्रचार के इच्छुक नेताओं को बड़ी राहत मिल गई है। राजनीतिक आयोजनों में अधिकतम 100 लोगों की मौजूदगी का बंधन सरकार ने समाप्त कर दिया है। कोरोना महामारी के बीच अब मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 100 से अधिक लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कोविड-19 के तहत विभिन्न राज्यों में सार्वजनिक आयोजनों में होने वाले आयोजनों को लेकर गाइडलाईन जारी करते हुए राज्यों में प्रशासनिक, सामाजिक, खेल, मनोरंजन, धार्मिक सांस्कृतिक और राजनीतिक आयोजनों के दौरान कंटेनमेंट जोन के बाहर 100 लोगों की मौजूदगी के साथ आयोजन करने की छूट प्रदान की थी। अब गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट क्षेत्रों को छोड़कर शेष क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की चुनावी सभाओं के लिए 100 लोगों की उपस्थिति का बंधन समाप्त करने के निर्देश दिए है। भवन के भीतर होंने वाली चुनावी सभाओं में हाल की क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 लोग शामिल हो सकेंगे। खुले क्षेत्रों में मास्क लगाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अधिक लोग चुनावी सभा में शामिल हो सकेंगे। इसका लाभ बिहार के चुनाव और मध्य प्रदेश में हो रहे 28 सीटों पर विधानसभा के उप चुनावों में राजनीतिक दलों को मिलेगा।
सभा में मास्क, सेनेटाईजर का उपयोग व सोशल डिस्टेंसिंग जारी रहेगी
केन्द्रीय आदेश के बाद राज्य सरकार ने भी सभी कलेक्टरों का विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि चुनावी सभाओं में 100 व्यक्तियों की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। सभा में मास्क, सेनेटाईजर का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग जारी रहेगी।

