Life in City of Gold-एक ऐसा शहर सोने के चमकते शहर के पीछे की अंधेरी दुनिया, कैसी है वहां के आम लोगों की जिन्दगी
नई दिल्ली. एक ओर से देखा जाये तो दुनिया में सोने यानी गोल्ड की चमक के आगे हर कुछ फीका दिखाई देता है। इस धरती पर सोने के अलावा शायदी ही कोई और ऐसी चीज हो जिसकी दीवानगी पूरी दुनिया में एक जैसी हो। वैज्ञानिकों और इतिहासकारों का मानना है कि सोना धरती पर खोजी गयी सबसे पुरानी धातुओं में से एक है। इसकी तलाश लगभग 5 साल पहले हुई मानी जाती है। तब से अब तक चाहे राजा-महाराजाओं का युग रहा हो या आज का वर्तमान युग, सोने की चमक ना तो कभी फीकी पड़ी और ना ही भविष्य में पड़ने की कोई आशंका है। खासकर भारत मे ंतो सोने के आभूषणों को लेकर लोगों में खास ही आकर्षण है।
अमेरिका-चीन -भारत-ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया के कई देशों में सोने के बड़े-बड़े भण्डार है। लेकिन क्या आपको पता है कि गोल्ड सिटी ऑफ वर्ल्ड किसे कहा जाता है। गोल्ड सिटी ऑफ वर्ल्ड का तमगा हासिल है। दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सवर्ग को शहर को। जहां स्थित सोने का सबसे बड़ा और गहरा भण्डार विटवाटरसैंड माइंस। एक अनुमान के मुताबिक विटवाटरसैंड खान दक्षिण अफ्रीका के गौटेंग प्रांत में स्थित जहां का सबसे बड़ा शहर जोहान्सबर्ग है।
कितना बड़ा है सोने का भंडार?
विटवाटरसैंड के गोल्ड माइंस की गहराई 3000 मीटर तक जमीन के अंदर है। यहां 82 मिलियन औंस से भी अधिक सोने के भंडार का अनुमान है। यहां पिछले 61 साल से सोने का खनन हो रहा है यानी साल 1961 से और जिसके अगले 70 सालों तक सोने के उत्पादन लायक होने का खनन कंपनी को अनुमान है यानी साल 2092 तक. साल 2017 में यहां से 281,300 औंस और साल 2018 में यहां से 157,100 औंस सोने का उत्पादन हुआ. यह खान यूरेनियम का भी एक बड़ा स्रोत है. यहां के पांच प्रमुख गोल्ड माइंस हैं- Kloof Gold Mine, Driefontein Gold Mine, South Deep Gold Mine, Impala Mine और Tshepong Mine.
यहां के आम लोगों की जिंदगी कैसी है?
सोने की चमक-दमक के बीच यहां के आम लोगों की जिंदगी काफी अलग है। गौटेंग प्रांत जिसका हिस्सा है जोहान्सबर्ग जमीन के हिसाब से दक्षिण अफ्रीका के सबसे छोटे प्रांतों में है यानी केवल 1.5 फीसदी जमीनहै। लेकिन यहां की आबादी काफी अधिक है। देश की 26 फीसदी आबादी यानी एक करोड़ 60 लाख लोगों का ये घर है।b अब ये सोने का सम्मोहन है या क्या? ये स्थानीय हालात को देखने के बाद आप खुद समझ जाएंगे ।इस प्रांत का मुख्य केंद्र है दुनिया के बड़े शहरों में गिना जाने वाला जोहान्सबर्ग शहर. यह काफी हद तक शहरीकृत हो गया इलाका है। आज यह शहर न केवल दक्षिण अफ्रीका का व्यापारिक केंद्र बन चुका है बल्कि इसे पूरे अफ्रीका महाद्वीप का केंद्र कहें तो गलत नहीं होगा।
दूर-दूर तक फैला है गोल्ड माइंस का इलाका
यह इलाका Vaal नदी के किनारे बसा है और किसी भी और देश की सीमा से दूर एक लैंडलॉक्ड इलाका है। यहां की पहाड़ियां और सूखा मौसम आम तौर पर इसे लोगों के रहने के लिए मुश्किल इलाका बना देता है लेकिन सोने की खानों में रोजगार की संभावनाएं और व्यापारिक अवसर लोगों को यहां खींच लाता है। गोल्ड माइंस का इलाका विटवाटरसैंड गौटेंग के साउथ का इलाका है और 120 किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है। समंदर तट से 1700 मीटर ऊंचाई पर स्थित जोहान्सबर्ग शहर में मौसम वैसे तो ठंढा ही रहता है। लेकिन कई बार यहां होने वाली बर्फबारी मौसम को खुशनुमा बना देती है।

